पेरिस, 8 जून (आईएएनएस)। एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने बांग्लादेश के नोआखली जिले में एक शांतिपूर्ण रैली में भाग लेने के आरोप में छात्र लीग और जुबो लीग (अवामी लीग के छात्र एवं युवा संगठन) के 17 बच्चों समेत 49 कार्यकर्ताओं की कथित “मनमानी गिरफ्तारी” की कड़ी निंदा की है।
फ्रांस स्थित जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश फाउंडेशन (जेएमबीएफ) ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि पूरे देश में विपरीत राजनीतिक विचार रखने वाले लोगों के खिलाफ दमन के व्यापक पैटर्न को दर्शाती है।
मानवाधिकार संगठन ने कहा कि ये गिरफ्तारियां बांग्लादेश के संविधान, मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (यूडीएचआर) और नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय संधि (आईसीसीपीआर) द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों का हवाला देते हुए जेएमबीएफ ने कहा कि छात्र लीग द्वारा आयोजित एक शांतिपूर्ण विरोध रैली 5 जून की दोपहर नोआखली सदर उपजिला के बदरहाट बाजार क्षेत्र में आयोजित की गई थी।
संगठन के अनुसार, कुछ घंटों बाद बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के छात्र संगठन जातीयतावादी छात्र दल के कार्यकर्ताओं ने मैजदी कस्बे के पौरो बाजार क्षेत्र में 17 बच्चों सहित 18 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया।
इसके अलावा, जेएमबीएफ ने बताया कि 5 जून की रात से 6 जून की सुबह के बीच पुलिस ने नोआखली सदर उपजिला के ओजबलिया, कलादराप और नोआखली नगरपालिका क्षेत्रों में अभियान चलाकर 9 जुबो लीग कार्यकर्ताओं और 15 छात्र लीग कार्यकर्ताओं सहित 24 लोगों को हिरासत में लिया।
जेएमबीएफ के संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा मानवाधिकार वकील शाहनूर इस्लाम ने कहा, “मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान स्थापित पैटर्न का अनुसरण करते हुए, तारिक रहमान की वर्तमान सरकार के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के संवैधानिक अधिकार लगातार सीमित होते जा रहे हैं। हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे के किसी स्पष्ट आरोप के बिना राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ पूरी तरह असंगत हैं।”
उन्होंने कहा, “17 बच्चों को हिरासत में लिया जाना बेहद चिंताजनक, अमानवीय और निंदनीय है। बच्चों के खिलाफ दमनकारी कदम बाल अधिकारों पर कन्वेंशन के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून बच्चों की हिरासत को केवल अंतिम उपाय के रूप में और यथासंभव कम अवधि के लिए ही मान्यता देता है। इसके बावजूद इन बच्चों को कथित तौर पर एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उनकी स्वतंत्रता से वंचित किया गया है, जिसका उनकी सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रथा को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।”
जेएमबीएफ ने बांग्लादेशी अधिकारियों से 17 बच्चों समेत सभी बंदियों को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने, उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों और आरोपों को वापस लेने तथा पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने का आह्वान किया।

