Friday, June 12, 2026
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हरियाणा: 8वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल हुआ सिख गुरुओं का इतिहास

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चंडीगढ़, 11 जून (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा किया गया वादा अब धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। हरियाणा सरकार ने 8वीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं के जीवन, उनके आदर्शों और बलिदान को शामिल करने का फैसला लागू कर दिया है।

इसके साथ ही स्कूली बच्चों को बाबा बंदा सिंह बहादुर के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा से भी परिचित कराया जाएगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख गुरुओं की महान विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के अपने वादे को पूरा कर दिया है। अब राज्य के 8वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं सिख गुरुओं के इतिहास, उनके त्याग, बलिदान और मानवता के संदेश को अपने पाठ्यक्रम के माध्यम से पढ़ सकेंगे।

इसके साथ ही बाबा बंदा सिंह बहादुर के प्रेरणादायी जीवन और उनके संघर्षों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में आयोजित गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी समागम के अवसर पर यह महत्वपूर्ण घोषणा की थी। अब सरकार ने उस घोषणा को अमल में लाकर शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी सिख गुरुओं ने मानवता, समानता, सेवा, करुणा, भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया। उन्होंने समाज को जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं और बाबा बंदा सिंह बहादुर का जीवन केवल किसी एक समुदाय की धरोहर नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं मानती, बल्कि इसे संस्कार निर्माण और चरित्र निर्माण का एक सशक्त साधन मानती है। यही कारण है कि विद्यार्थियों को देश के महान संतों, गुरुओं और वीरों के जीवन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय हरियाणा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपना वादा पूरा करते हुए 8वीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं का इतिहास शामिल कर दिया है।