Friday, June 12, 2026
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‘गेंदबाजी मजबूत होने की प्रक्रिया में, विश्व कप में बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी’: अंजुम चोपड़ा

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नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने कहा है कि टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के बल्लेबाजों को ज्यादा अहम भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि टीम की गेंदबाजी मजबूत होने की प्रक्रिया में है, ऐसे में टूर्नामेंट में बल्लेबाजों की भूमिका अहम होगी।

अंजुम चोपड़ा ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, “मेरे हिसाब से, इस भारतीय टीम का नेतृत्व बल्लेबाजी करती है। बल्लेबाजों के लड़खड़ाने की कोई गुंजाइश नहीं है। हम टीम में पांच विशेषज्ञ बल्लेबाज खिला रहे हैं। पांच विशेषज्ञ बल्लेबाज होने की स्थिति में असफल होने की कोई गुंजाइश नहीं है।”

इंग्लैंड के खिलाफ हाल में संपन्न टी20 सीरीज में यास्तिका भाटिया ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की थी। यास्तिका ने सीरीज में सर्वाधिक 119 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट (126.79) टॉप पांच स्कोरर में सबसे कम था।

इस पर चोपड़ा ने कहा, “मैं समझती हूं कि भारतीय टीम के पास तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए ज्यादा विकल्प नहीं है। अगर जेमिमा या हरमन वहां बल्लेबाजी कर रही हैं, तो मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी के लिए विकल्प कम हैं। भारती फुलमाली को मौका दिया गया होता, तो बेहतर होता। वह भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया गई थी, लेकिन उन्हें वहां नहीं खिलाया गया। साउथ अफ्रीका सीरीज में मिले मौकों का उन्होंने फायदा नहीं उठाया। इंग्लैंड में भी वह सहज नहीं दिखी हैं। वह मैदान पर बेस्ट फील्डर भी नहीं रही हैं। इसलिए, मैं मान रही हूं कि क्योंकि भारतीय टीम के लिए मिडिल ऑर्डर की जगह थोड़ी चैलेंजिंग थी, इसलिए वे टॉप ऑर्डर को मजबूत करना चाहते थे।”

उन्होंने कहा, “अब, जब आप टॉप ऑर्डर को मजबूत करते हैं, तो यास्तिका के लिए कोई और जगह नहीं बचती। मेरा मतलब है, वह मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी कर सकती हैं, लेकिन उनकी अपनी चुनौतियां हैं और उसे ध्यान में रखते हुए, उनके लिए टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी ही बेहतर है। शायद यही वजह है कि यास्तिका नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर रही हैं।”

यास्तिका के धीमे स्ट्राइक रेट पर अंजुम ने कहा, “हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यास्तिका के पास ज्यादा क्रिकेट का अनुभव नहीं है। पिछले दो सालों से, वह ज्यादातर साइडलाइन पर रही है। वह ऑस्ट्रेलिया ए टूर पर कुछ मैच खेली, लेकिन जब वह इंडियन टीम में वापस आई, तो वह इंजर्ड हो गई और फिर वह विमेंस प्रीमियर लीग नहीं खेल पाई। वह एक बड़ी इंजरी के बाद आ रही है। उसके मैदान पर दौड़ने और फील्डिंग में गति नहीं है। इसे टीम को मैनेज करना होगा। टाइमिंग खोने के कारण, यह किसी भी बल्लेबाज के साथ हो सकता है। उसके साथ सब्र रखना होगा, क्योंकि उसके बाएं घुटने की एसीएल सर्जरी हुई थी, जिसकी वजह से वह पिछले साल भारत के वनडे विश्व कप जीतने वाले कैंपेन से बाहर हो गई थीं।”

भारती के अंजुम ने कहा, “उनका शुरुआती चयन उनके लिए सरप्राइज था। वह अपना बेस्ट नहीं दे पा रही थीं, जिससे बल्लेबाजी क्रम में भी बदलाव करना पड़ा। मुझे नहीं लगता कि भारती ने मौकों का फायदा उठाया है। अगर उसने मौकों का फायदा उठाया होता, तो वह पहले और दूसरे टी20 में बीच के ओवरों में खेलती। भारती भरोसेमंद नहीं लगी हैं।”

टॉन्टन में ऋचा घोष से पहले दीप्ति शर्मा को प्रमोट करने और वर्ल्ड कप में इसके दोहराए जाने की संभावना पर अंजुम ने कहा, “मुझे लगता है कि यह सिर्फ दीप्ति को ऋचा से पहले बल्लेबाज के तौर पर समय देने के लिए था। ऋचा की बात करें तो, मुझे लगता है कि उनके बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन रहेगा। मैं बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन की बड़ी फैन नहीं हूं क्योंकि मुझे लगता है कि हर बल्लेबाज को पता होना चाहिए कि वे कहां खेल रहे हैं, क्या कर रहे हैं। ऋचा को जरूरत पड़ने पर ऊपर भेजा जा सकता है।”

भारतीय गेंदबाजी पर पूर्व कप्तान ने कहा, “गेंदबाजों को विरोधी खेमे के विकेट लेने के तरीके खोजने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी। फील्डिंग का रोल भी बेहद अहम होने वाला है। यह हर गेम के लिए अहम है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप नंबर एक या दसवीं रैंक वाली टीम के साथ खेल रहे हैं।”

अंजुम ने कहा कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों ही बेहद अहम हैं। किसी भी विभाग को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला टीम का पहला मुकाबला रविवार को पाकिस्तान के साथ है। इस मैच पर पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, “पिच के हिसाब से प्लेइंग इलेवन चुनी जाएगी। अगर पाकिस्तान के खिलाफ बर्मिंघम में स्पिन के अनुकूल पिच होगी, तो टीम में एक अतिरिक्त स्पिनर होगा। अगर पिच बल्लेबाजी के अनुकूल हुई तो अतिरिक्त स्पिनर नहीं होगा। तीन तेज गेंदबाज प्लेइंग इलेवन में हो सकते हैं।”