कोलकाता, 13 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के सत्ता में आने के बाद 30 मई से लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर का मुफ्त टीकाकरण शुरू हो गया है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अब से पश्चिम बंगाल के मदरसों में पढ़ने वाली किशोरियों के लिए एचपीवी (एचपीवी) टीकाकरण का विशेष अभियान भी शुरू किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का समन्वय जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाएगा। अधिकारी ने आगे बताया कि संबंधित सरकारी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं।
तकनीक के तेजी से विकास और चिकित्सा विज्ञान में निरंतर शोध के बावजूद, सर्वाइकल कैंसर को अभी भी एक लाइलाज बीमारी के रूप में देखा जाता है।
हालांकि, भारत में निरंतर कार्य जारी है। केंद्र सरकार की पहल पर, एक निश्चित आयु की लड़कियों के लिए इस बीमारी से शीघ्र बचाव हेतु निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद इस बार राज्य के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। अधिकारी के अनुसार, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में वृद्धि हो रही है। हर साल विश्व स्तर पर छह लाख नए गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामले सामने आते हैं।
कैंसर से होने वाली मृत्यु दर प्रति वर्ष लगभग 34 लाख है। इस देश में, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। भारत में प्रति एक लाख महिलाओं में से 14 नए गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मरीज प्रति वर्ष उपचार करवाते हैं और मृत्यु दर प्रति लाख नौ है।
भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह संख्या बहुत कम नहीं है। केंद्र सरकार ने इस कैंसर की रोकथाम के लिए मुफ्त टीकाकरण पर जोर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर टीका लगवाने से कैंसर को लगभग 75 से 80 प्रतिशत तक रोका जा सकता है।
केंद्र के टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पश्चिम बंगाल में भी मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को सात लाख टीके भेजे हैं। इसकी शुरुआत कोलकाता के सॉल्ट लेक क्षेत्र स्थित बिधाननगर उप-जिला अस्पताल से हुई।
14-15 वर्ष से अधिक आयु की कोई भी लड़की सर्वाइकल कैंसर का टीका लगवा सकती है। अब से स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार मदरसों में सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाया जाएगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से मदरसों के विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ेगी।

