Sunday, June 14, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय केरल में निपाह वायरस का कोई नया मामला नहीं, अब तक 30...

केरल में निपाह वायरस का कोई नया मामला नहीं, अब तक 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव

0
5

तिरुवनंतपुरम, 14 जून (आईएएनएस)। केरल में निपाह का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि 11 परीक्षण नेगेटिव आए हैं। वर्तमान में, संपर्क सूची में 100 लोग हैं। इनमें से 44 स्वास्थ्यकर्मी हैं। अब तक किए गए 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव आए हैं। केवल एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार केरल में 1 जनवरी से अब तक शिगेला के 135 मामले सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले कोझिकोड में दर्ज किए गए हैं, जहां 135 में से 68 मामले हैं। अब तक 3 मौतें हुई हैं। पहली मौत मार्च में हुई थी। दूसरी मौत कोझिकोड में एक बच्चे की हुई और तीसरी एक 59 वर्षीय महिला की।

चार बच्चे आईसीयू में हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है, लेकिन उन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं। हमने स्कूलों के कुओं की जांच के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले केरल में निपाह वायरस के खतरे के बीच वायनाड में शिगेला बैक्टीरिया का भी प्रकोप जारी है। शिगेला के नए मामले दूसरे जिलों से सामने आने लगे हैं। इन खतरों से निपटने के लिए अधिकारियों ने पूरे राज्य में निगरानी और बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को कहा कि हालात काबू में हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। केरल में निपाह का एक नया संदिग्ध मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने वहां की स्थिति पर बारीकी से नजर रखना शुरू कर दिया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि राज्य में हो रही गतिविधियों पर ध्यान रखा जा रहा है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर जरूरी मदद दी गई है।

संदिग्ध मरीज़ों और उनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल विस्तृत जांच के लिए इमरजेंसी आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे, भेजे गए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि संक्रमण की गंभीरता और वायरस के स्रोत के बारे में साफ जानकारी आधिकारिक टेस्ट के नतीजे आने के बाद ही मिल पाएगी। जल्द से जल्द रिपोर्ट आ सके, इसके लिए कोशिश की जा रही है।

केंद्र सरकार ने राज्य को निपाह से बचाव के तय प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय रोकथाम के उपायों की समीक्षा के लिए केरल स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर तकनीकी मदद और विशेषज्ञों का सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें।