Sunday, June 14, 2026
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झारखंडः रामगढ़ खदान हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले बाबूलाल मरांडी, घटना की न्यायिक जांच की उठाई मांग

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रामगढ़, 15 जून (आईएएनएस)। झारखंड के रामगढ़ जिले के अरगड्डा वन क्षेत्र में बंद कोयला खदान में जहरीली गैस के रिसाव से चार युवकों की मौत की घटना को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया है। मरांडी रविवार को घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से इस घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीब और विस्थापित परिवारों के लोग मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर बंद खदानों में उतरते हैं। बंद खदानों की सुरक्षा और घेराबंदी की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सीसीएल की है, लेकिन क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध सुरंगनुमा खदानें संचालित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां स्थानीय तंत्र की जानकारी के बिना संभव नहीं हैं। मरांडी ने पूरे मामले में जवाबदेही तय करते हुए दोषियों पर हत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मृतकों के परिजनों की ओर से उठाई गई मांगों का भी समर्थन किया। परिजनों ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। मरांडी ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और दीर्घकालिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

गौरतलब है कि शनिवार को गिद्दी-रामगढ़ सीमावर्ती अरगड्डा वन क्षेत्र में स्थित एक बंद खदान में अवैध उत्खनन के दौरान यह हादसा हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले एक युवक खदान के भीतर जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी नीचे उतरे, लेकिन दम घुटने से चारों की मौत हो गई। मृतकों में देवा कुमार बेदिया, डब्लू बेदिया, किशोर रवानी और आशीष रजवार शामिल थे। प्रारंभिक जांच में खदान के भीतर ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम और जहरीली गैसों की मौजूदगी की बात सामने आई है।