बर्मिंघम, 14 जून (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले के दौरान दोनों देशों की कप्तान ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया। यह लगातार दूसरा आईसीसी टूर्नामेंट था, जिसमें दोनों महिला कप्तानों ने हैंडशेक नहीं किया। इससे पहले, कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 के दौरान भी ऐसा ही किया था।
मैच से पहले जब हरमनप्रीत कौर से पूछा गया कि क्या उन्हें हाथ मिलाने की उम्मीद है, तो हरमनप्रीत ने इस बारे में कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम यहां क्रिकेट के लिए हैं। हम सिर्फ क्रिकेट के बारे में बात करते हैं। क्रिकेट के अलावा हम किसी और चीज के बारे में बात नहीं करते। मैं क्रिकेट के अलावा किसी और चीज के बारे में सोचती भी नहीं हूं।”
उन्होंने कहा, “क्रिकेट पहले दिन से ही हमारा सपना रहा है। हम सिर्फ क्रिकेट पर चर्चा करते हैं। हम बस यही सोच रहे हैं कि यह एक और मैच है, जिसे हम खेलने जा रहे हैं। निश्चित रूप से, दबाव तो होगा ही, जैसा कि मैंने पहले भी माना है, जब भी हम पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हैं तो दबाव होता है, लेकिन इसे हम किस तरह लेते हैं, यह ज्यादा अहम है। किसी भी इंटरनेशनल मैच में दबाव तो होता ही है। असल बात मैच में अपना शत प्रतिशत देना और हर पल का मजा लेना है।”
भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक कुल 16 टी20 मैच खेले गए हैं, जिसमें भारत का पलड़ा भारी रहा है। टीम इंडिया ने 13 मैच अपने नाम किए, जबकि पाकिस्तानी टीम 3 ही मैच जीत सकी है। विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड 6-2 का है और उन्होंने उनके खिलाफ अपने पिछले पांच टी20 मुकाबलों में से चार जीते हैं।
बीते साल पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में ‘हाथ न मिलाने की नीति’ बात आम है। एशिया कप और मेंस टी20 वर्ल्ड कप में भी दोनों देशों के पुरुष खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया था।
भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनके पाकिस्तानी समकक्ष सलमान अली आगा ने भी दुबई में तीन मुकाबलों और कोलंबो में 2026 पुरुष टी20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान हाथ मिलाने से परहेज किया था। अंडर-19 पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप और राइजिंग स्टार्स पुरुष एशिया कप के मुकाबलों में भी ऐसा ही हुआ था।

