अयोध्या, 15 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर दान कोष से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत की है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मैंने कल कहा था, राज्य सरकार ने जिस तेजी से यह फैसला लिया है, वह तारीफ के काबिल है। यह फैसला शनिवार को लिया गया था और कल रविवार था। उम्मीद है कि समिति के तीनों सदस्यों को सोमवार सुबह लगभग 10 बजे उनके ऑफिस में आधिकारिक नोटिफिकेशन और काम की शर्तें मिल जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मुझे यह भी पता चला है कि एसआईटी टीम आज मुख्यमंत्री योगी से उच्च स्तर पर मार्गदर्शन लेने के लिए मिल सकती है। उन्होंने उनसे मिलने का समय मांगा है और उसके तुरंत बाद, वे यहां आकर अपना काम शुरू कर देंगे। मेरा मानना है कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसके कई पहलू हैं, पहला अपराधिक पहलू है और दूसरा भविष्य के सुधार का पहलू है। जब इन दोनों पहलुओं पर जांच हो जाएगी तभी हम फिर से श्रद्धालुओं का विश्वास जीत पाएंगे।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि जांच के लिए ट्रंस्ट पूरी तरह से मन बना चुकी है। जिला प्रशासन की ओर से भी सहयोग की बात बताई है। जितना भी सहयोग एसआईटी चाहेगी हम करेंगे।
राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, “हम पिछले तीन दिनों से बैठकें कर रहे हैं क्योंकि निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। सभी एजेंसियों के इस महीने के आखिर तक या 15 जुलाई तक काम फिर से शुरू करने की उम्मीद है, इसलिए मुख्य ध्यान इस बात पर है कि ठेकेदारों का कोई भी बिल बकाया न रहे।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि एक विस्तृत सूची तैयार की गई है और उसकी समीक्षा की गई है। एक और महत्वपूर्ण काम ट्रस्ट को सौंपा जा रहा है, क्योंकि निर्माण कार्य का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पहले ही रिकॉर्ड और दस्तावेजों के साथ ट्रांसफर किया जा चुका है।

