हैदराबाद, 15 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को केंद्र से मांग की कि वह हैदराबाद मेट्रो रेल के प्रथम चरण के लिए 13,600 करोड़ रुपए की सावधि ऋण पुनर्वित्त के लिए बिना किसी देरी के जारी करे। यह ऋण राज्य सरकार ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड से लिया था।
रेवंत रेड्डी ने यह भी मांग की कि केंद्र स्पष्ट करे कि क्या वह हैदराबाद मेट्रो के द्वितीय चरण का हिस्सा होगा या नहीं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि केंद्र द्वितीय चरण का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं है, तो उसे अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करना चाहिए ताकि राज्य सरकार अपने दम पर विस्तार कार्य आगे बढ़ा सके।
उन्होंने दावा किया कि एक जापानी एजेंसी ने पहले ही आईआरएफसी को धनराशि जारी कर दी थी और यह राशि 1 जून को तेलंगाना सरकार को हस्तांतरित की जानी थी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी और सांसद एटाला राजेंद्र से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि तेलंगाना को धनराशि में उसका उचित हिस्सा मिले।
25 मई को राज्य सरकार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) के साथ सावधि ऋण पुनर्वित्त सुविधा के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
राज्य सरकार ने अप्रैल में लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड से हैदराबाद मेट्रो रेल चरण प्रथम का औपचारिक अधिग्रहण 1,461 करोड़ रुपए में किया था।
समझौते के अनुसार, 30 अप्रैल तक लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड का 13,538.53 करोड़ रुपए का ऋण को तेलंगाना सरकार द्वारा जारी गारंटी के साथ पुनर्वित्त किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जापानी संस्था से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर 13,600 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया था। इस ऋण को आईआरएफसी से राज्य सरकार को हस्तांतरित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि एक जापानी एजेंसी ने पहले ही आईआरएफसी को धनराशि जारी कर दी है, लेकिन आईआरएफसी इसे राज्य सरकार को हस्तांतरित नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमने रिजर्व बैंक की मंजूरी प्राप्त करने के लिए एक पत्र भी प्रस्तुत किया था, फिर भी ऋण हस्तांतरण रोक दिया गया। उन्होंने इसके लिए खान और कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी को धन जारी करने में देरी करने का दोषी ठहराया।
उन्होंने दावा किया कि किशन रेड्डी ने 20 मई को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल और 21 मई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि वे धनराशि जारी न करें, क्योंकि इससे तेलंगाना में भाजपा के हितों को नुकसान होगा।
उन्होंने पूछा कि इसीलिए हम किशन रेड्डी से सवाल कर रहे हैं। क्या आप आज तेलंगाना के लिए 13,600 करोड़ रुपए जारी करने की जिम्मेदारी लेंगे या नहीं?
उन्होंने किशन रेड्डी को याद दिलाया कि वे सिकंदराबाद से सांसद हैं और मेट्रो विस्तार उनके निर्वाचन क्षेत्र और तीन अन्य भाजपा सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में होना है।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र को दूसरे चरण में 50 प्रतिशत भागीदारी से कोई समस्या है, तो उसे मंजूरी जारी कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बस मंजूरी जारी कर दीजिए। हम पूरा खर्च वहन करेंगे और मेट्रो विस्तार का कार्य स्वयं करेंगे।
रेवंत रेड्डी ने बताया कि केंद्र ने अहमदाबाद, उत्तर प्रदेश और विशाखापत्तनम के लिए मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, लेकिन तेलंगाना को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।

