नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। भारत के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने गुरुवार को पश्चिमी नौसेना कमान का दौरा किया, ताकि सेना की परिचालन तैयारियों और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी पहलों की समीक्षा की जा सके।
इस दौरान सीडीएस जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने वाइस एडमिरल संजय वत्सायन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिचालन तैयारियों, क्षमता विकास और उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
सीडीएस का पद संभालने के बाद सुब्रमणि का यह पश्चिमी कमान का पहला दौरा है। उन्होंने 31 मई को देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला था।
चंडीगढ़ के पास स्थित पश्चिमी कमान भारतीय सेना की प्रमुख परिचालन कमानों में से एक है और पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती है। सीडीएस ने पश्चिमी नौसेना कमान के तहत कई यूनिट्स और संरचनाओं का भी दौरा किया और उनकी अग्रिम पंक्ति की परिचालन क्षमताओं की जानकारी ली।
सैन्य कर्मियों को संबोधित करते हुए जनरल सुब्रमणि ने उनके पेशेवर रवैये, समर्पण और भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना देश की समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने, उच्च स्तर की परिचालन तत्परता बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों के समर्थन में सेनाओं के बीच संयुक्तता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य सेनाओं की युद्ध तैयारी और एकीकरण का मूल्यांकन करना होता है।
सीडीएस ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और तालमेल को बढ़ाने, स्वदेशी हथियारों के विकास और उनके तेजी से उपयोग को बढ़ावा देने तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
उन्होंने नवाचार, आधुनिकरण और सभी हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया है, ताकि देश की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत किया जा सके।

