गयाजी, 18 जून (आईएएनएस)। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण चौपाल एवं संवाद’ कार्यक्रम में किसानों से नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहेगी, खेती की लागत कम होगी तथा उत्पादन में वृद्धि होगी।
किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री ने मौसम में हो रहे बदलावों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण कम वर्षा होने का अनुमान है। ऐसे में किसानों को धान की सीधी बुआई जैसी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को इस पद्धति का अधिक से अधिक प्रशिक्षण दिया जाए तथा जिन किसानों ने पहले से इस तकनीक को अपनाया है, उनके खेतों का भ्रमण कराकर अन्य किसानों को इसके लाभों से अवगत कराया जाए।
सिन्हा ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रासायनिक खेती के बढ़ते दुष्प्रभावों के कारण कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने किसानों से कम से कम 25 प्रतिशत भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
उन्होंने जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र और आच्छादन जैसी तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित करने का भी आश्वासन दिया।
कृषि मंत्री ने किसानों से एग्री स्टैक योजना के तहत फार्मर आईडी बनवाने तथा भूमि अभिलेखों में त्रुटि होने पर सहयोग-सह-जन कल्याण शिविरों में आवेदन कर परिमार्जन कराने की अपील की।
इस अवसर पर वजीरगंज विधायक बीरेन्द्र सिंह ने स्वयं 25 प्रतिशत भूमि पर प्राकृतिक खेती करने का संकल्प लिया। वहीं, जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने किसानों को आश्वस्त किया कि जिले के 14 प्रखंडों में सब्जी प्रसंस्करण इकाइयों और कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

