अमरावती, 19 जून (आईएएनएस)। एक महीने से अधिक समय से लापता गाडे साई कृष्णा के परिजनों ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। साई कृष्णा की पुलिस हिरासत में मौत होने का आरोप लगाया जा रहा है।
युवक की मां विजय लक्ष्मी ने मुख्यमंत्री से अपने बेटे के लापता होने की जांच कराने और न्याय दिलाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने उन्हें सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
सीएम नायडू ने परिवार को बताया कि उन्होंने पहले ही जांच के आदेश दे दिए हैं और थाने के सर्किल इंस्पेक्टर नागाराजू को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विजय लक्ष्मी ने न्याय दिलाने के मुख्यमंत्री के आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि मामले की व्यापक जांच कराई जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
साई कृष्णा के परिजनों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात ऐसे समय की है, जब एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने विजयवाड़ा जाकर विजय लक्ष्मी से मुलाकात की थी। उन्होंने साई कृष्णा के लापता होने और कथित हिरासत में मौत के मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।
विजयवाड़ा के कृष्णा लंका इलाके के रहने वाले 26 वर्षीय साई कृष्णा को 9 मई को एक मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा है।
उनकी मां ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। अदालत ने कृष्णा लंका पुलिस को 15 जून को साई कृष्णा को पेश करने का निर्देश दिया था। पुलिस ऐसा करने में विफल रही, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 29 जून तक उसे पेश करने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 17 जून को इस मामले की जांच एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से कराने के आदेश दिए थे। साथ ही कृष्णा लंका थाने के सर्किल इंस्पेक्टर नागाराजू को निलंबित कर दिया था।
इस बीच, जांच का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक डी नरसिम्हा किशोर विजयवाड़ा पहुंच गए हैं।
पुलिस ने विजय लक्ष्मी और परिवार के दो अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं।
इससे पहले पुलिस ने निलंबित अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विजय लक्ष्मी की शिकायत पर नागाराजू के खिलाफ अवैध हिरासत, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में केस दर्ज किया गया है।
मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत दर्ज किया गया है।
विजय लक्ष्मी का आरोप है कि उनके बेटे को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई।

