Saturday, June 20, 2026
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अकाली दल ने मान पर अकाल तख्त की मर्यादा को चुनौती देने का लगाया आरोप, बोले- सीएम रहने योग्य नहीं

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चंडीगढ़, 19 जून (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की कार्यकारिणी समिति ने शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना करते हुए कहा कि वह सार्वजनिक मंचों पर अकाल तख्त के अधिकार को चुनौती दे रहे हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बदल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यकारिणी समिति ने कहा कि मुख्यमंत्री जानबूझकर सिख समुदाय के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। समिति का कहना था कि समुदाय के बीच यह व्यापक भावना है कि भगवंत मान ने गुरु साहिबान के प्रति गंभीर अपराध किया है और अब अकाल तख्त द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को चुनौती देकर अपनी गलती को और बढ़ा रहे हैं।

पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि कार्यकारिणी समिति ने एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अकाल तख्त द्वारा यह कहे जाने के बाद कि मुख्यमंत्री से जुड़ा विवादित वीडियो वास्तविक है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार नहीं किया गया है, भगवंत मान 24 घंटे के भीतर विभिन्न प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट पेश कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

चीमा ने कहा, ”ऐसी स्थिति में भगवंत मान एक मिनट भी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं।”

बाद में सुखबीर बादल ने इस मुद्दे पर शिरोमणि कमेटी के सदस्यों के साथ भी चर्चा की। सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विवादित वीडियो को एआई से तैयार बताया था और इस तरह सिख संगत को गुमराह करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को कई बार याद दिलाने के बावजूद पांच महीने तक वीडियो की फोरेंसिक जांच नहीं कराई गई। इसके बाद अकाल तख्त ने स्वयं वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई।

इस बीच, कार्यकारिणी समिति ने संगठनात्मक ढांचे की भी समीक्षा की, जिसमें बूथ स्तर की समितियों पर विशेष ध्यान दिया गया। सुखबीर बादल ने कहा कि अगले दो सप्ताह के भीतर पार्टी का पूरा संगठनात्मक ढांचा तैयार कर लिया जाएगा।

कार्यकारिणी समिति ने आम आदमी पार्टी सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने, बिना उकसावे के लाठीचार्ज कराने और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने का भी आरोप लगाया।