चेन्नई, 21 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने रविवार को थूथुकुडी जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में ‘सरकारी नाश्ता योजना’ के तहत छात्रों को पौष्टिक भोजन के बजाय बिस्कुट बांटे जाने की खबरों पर टीवीके के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की आलोचना की।
एक बयान में, नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि यह घटना स्कूली बच्चों में भूख की समस्या को दूर करने और शैक्षिक परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से बनाई गई कल्याणकारी योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में सरकार की विफलता को दर्शाती है।
यह आलोचना उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में लगभग 40 छात्रों को बिस्कुट के पैकेट दिए गए क्योंकि स्कूल योजना के तहत नियमित नाश्ता उपलब्ध कराने में असमर्थ था।
कार्यक्रम के संचालन में सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि नाश्ता योजना मूल रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को भूखे पेट पढ़ाई करने से बचाकर स्कूल जाने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
नागेंद्रन ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार इस कल्याणकारी कार्यक्रम को भी ठीक से लागू करने में विफल रही है।
उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि योजना का लाभ उठाने वाले छात्रों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण भोजन की कमी हुई है। उनके अनुसार, इस तरह की व्यवस्था संबंधी समस्याओं का पहले से अनुमान लगाकर अधिकारियों द्वारा उनका समाधान किया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की संख्या बढ़ी है, तो सरकार को तदनुसार योजना बनानी चाहिए थी और पर्याप्त भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए थी। स्कूली बच्चों के कल्याण के मामले में योजना की कमी को बहाना नहीं बनाया जा सकता।
नागेंद्रन ने राज्य सरकार से घटना की जांच कराने और तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया ताकि तमिलनाडु के स्कूलों में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
नाश्ता योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों, विशेष रूप से वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को पौष्टिक सुबह का भोजन उपलब्ध कराना है।
इस कार्यक्रम को उपस्थिति बढ़ाने, कक्षा में भूख कम करने और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के उपाय के रूप में व्यापक रूप से प्रचारित किया गया है।

