Tuesday, June 23, 2026
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राम मंदिर अनियमितताओं मामले में एसआईटी की जांच पर संतों का भरोसा, सरकारीकरण का विरोध

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अयोध्या, 22 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट को लेकर अयोध्या के संत समाज ने अपनी प्रतिक्रिया दी। संतों ने भरोसा जताया कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जा रही है और रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पूर्ण सरकारीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने कहा कि एसआईटी की एक सप्ताह की जांच रिपोर्ट संभवतः लखनऊ में संबंधित अधिकारियों को सौंपी जा सकती है। रिपोर्ट के आधार पर जिन लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह चर्चा भी चल रही है कि मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी किसी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को सीईओ के रूप में सौंपी जाए। हालांकि, उन्होंने इस प्रस्ताव पर सावधानी बरतने की बात कही। वरुण दास जी महाराज ने कहा कि किसी प्रबंधन तंत्र में कुछ कमियां सामने आने का अर्थ यह नहीं है कि पूरी व्यवस्था ही खराब है।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यह हिंदू जनमानस का मंदिर है, इसलिए इसका पूर्ण सरकारीकरण नहीं होना चाहिए। सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों का संचालन सरकार पहले से कर रही है। ट्रस्ट में जिला प्रशासन और अन्य सरकारी प्रतिनिधियों की भी भागीदारी है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार का आवश्यक हस्तक्षेप पहले से मौजूद है, लेकिन पूरे ट्रस्ट को सरकारी नियंत्रण में देना उचित नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि ट्रस्ट का पूर्ण सरकारीकरण करने का प्रयास किया गया तो अयोध्या के साधु-संत और व्यापक हिंदू समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जो लोग श्रीराम जन्मभूमि की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, वे किसी भी हालत में बच नहीं पाएंगे क्योंकि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है।

वहीं, सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने भी एसआईटी जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आने वाले कुछ दिनों में इसके परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी अपनी जांच पूरी गंभीरता के साथ कर रही है और रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पास पहुंचने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हिंदू समाज से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की।

महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि बहुत जल्द जांच रिपोर्ट सामने आएगी। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसे दंडित किया जाएगा। इसके साथ ही, यदि कोई व्यक्ति या समूह जानबूझकर अफवाह फैलाने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।