Tuesday, June 23, 2026
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ओडिशा : ईसीओआर नेटवर्क के 631 किलोमीटर हिस्से में ‘कवच’ सिस्टम लगाने की मंजूरी, सीएम माझी ने किया स्वागत

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भुवनेश्वर, 23 जून (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीओआर) नेटवर्क के 631 किलोमीटर हिस्से में 270 करोड़ रुपए की लागत से ‘कवच’ सिस्टम लगाने की मंजूरी का स्वागत किया। उन्होंने इसे राज्य के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में एक अहम पड़ाव बताया।

सीएम माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “ईस्ट कोस्ट रेलवे के 631 रूट किमी पर ‘कवच’ लगाने की मंजूरी हमारे रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”

उन्होंने कहा कि ईसीओआर नेटवर्क के एक अहम हिस्से के तौर पर, ओडिशा को यात्रियों की बेहतर सुरक्षा, दुर्घटनाओं का कम जोखिम, बेहतर ट्रेन संचालन और रेल सेवाओं की ज्यादा विश्वसनीयता का फायदा मिलेगा।

उन्होंने कहा, “यह आधुनिक, स्वदेशी तकनीक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, आर्थिक विकास में मदद करेगी और ओडिशा के लोगों के लिए एक सुरक्षित और ज्यादा कुशल रेलवे सिस्टम बनाने में योगदान देगी। रेल सुरक्षा को मजबूत करने और भारत के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बहुत-बहुत धन्यवाद।”

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय रेलवे ने 270 करोड़ रुपए की लागत से ईसीओआर के 631 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ लगाने की मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट में ईस्ट कोस्ट रेलवे के छह अहम रेलवे सेक्शन, बागुआपाल-बुधापंक, हरिदासपुर-पारादीप, खुर्दा रोड (केयूआर)-बलंगीर, नौपाडा-गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड-जूनागढ़ और बोब्बिली-सालुर, शामिल हैं।

यह भारतीय रेलवे के उस बड़े प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे रेलवे नेटवर्क पर एलटीई-आधारित कम्युनिकेशन बैकबोन के साथ ‘कवच’ लगाया जा रहा है।

दरअसल, ‘कवच’ भारत का स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम है, जिसे सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी), ओवर-स्पीडिंग और ट्रेनों की टक्कर को रोककर सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।

अधिकारियों ने बताया, “यह सिस्टम लगातार ट्रेन की आवाजाही पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर अपने-आप ब्रेक लगाता है, जिससे ऑपरेशनल सुरक्षा में काफी सुधार होता है।”

इस बात पर भी जोर दिया गया कि इन रूटों पर ‘कवच’ लगाने से ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन और टक्कर से बचाव की क्षमताएं मिलेंगी, जिससे ट्रेन संचालन में सुरक्षा का स्तर बेहतर होगा। इसके अलावा, ‘कवच’ खराब मौसम (जैसे घने कोहरे) में भी ट्रेनों की सुरक्षित और भरोसेमंद आवाजाही को मुमकिन बनाता है, जिससे सेवा की विश्वसनीयता और समय की पाबंदी में सुधार होता है।

उम्मीद है कि प्रोजेक्ट से ओडिशा और पड़ोसी इलाकों में ईस्ट कोस्ट रेलवे के जरिए चलने वाली यात्री ट्रेन और मालगाड़ियों के संचालन को फायदा होगा। इससे ज्यादा ट्रैफिक वाले और रणनीतिक रूप से अहम रूटों पर ‘कवच’ कवरेज बढ़ाने के भारतीय रेलवे के मौजूदा मिशन को मजबूती मिलेगी।