बीजिंग, 24 जून (आईएएनएस)। दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच एक बड़ा सवाल यह है कि वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार केवल निवेश और चर्चा तक सीमित न रह जाएं, बल्कि उन्हें वास्तविक उत्पादकता में कैसे बदला जाए। पूर्वोत्तर चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में आयोजित ग्रीष्मकालीन दावोस फोरम इस सवाल का जवाब “बड़े पैमाने पर नवाचार” के रूप में पेश कर रहा है।
चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) द्वारा किए गए एक वैश्विक ऑनलाइन सर्वेक्षण में 93.4 प्रतिशत प्रतिभागियों ने माना कि चीन का विशाल बाजार और विविध अनुप्रयोग परिदृश्य नई तकनीकों के परीक्षण, व्यावसायीकरण और व्यापक उपयोग के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
वर्तमान में वैश्विक तकनीकी क्रांति और औद्योगिक परिवर्तन की गति तेज हो रही है। ऐसे में किसी प्रयोगशाला में विकसित विचार को व्यावहारिक औद्योगिक मूल्य में बदलने की क्षमता देशों की विकास प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण आधार बन गई है।
सर्वेक्षण में 84.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि औद्योगिक उन्नयन में प्रभावी उपयोग न हो पाना नवाचार के बड़े पैमाने पर प्रभाव न डाल पाने का प्रमुख कारण है।
वहीं, 86.9 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि बड़े बाजार के समर्थन के बिना कोई भी नवाचार वास्तविक मांग और व्यावसायिक लाभ जैसी लंबी अवधि की चुनौतियों का सामना नहीं कर पाता। 88 प्रतिशत लोगों ने कहा कि तकनीक को वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों में उतारना आवश्यक है, ताकि वह बाजार की मांग, लागत नियंत्रण और आपूर्ति श्रृंखला जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए लगातार बेहतर बन सके।
सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी कंपनियों की संख्या 6,000 से अधिक हो गई, जबकि इस क्षेत्र का मुख्य औद्योगिक आकार 12 खरब युआन से अधिक होने का अनुमान है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के आंकड़ों के मुताबिक, चीनी एआई कंपनियों ने वैश्विक स्तर पर लगभग 13.9 अरब अमेरिकी डॉलर का वेंचर कैपिटल निवेश आकर्षित किया, जो चीन के तकनीकी नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नवाचार को लेकर 72.4 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि तकनीक को विभिन्न उद्योगों में लागू करके और लागत घटाने, दक्षता बढ़ाने, प्रक्रियाओं में सुधार, उत्पाद नवाचार तथा सेवाओं के उन्नयन के माध्यम से उसका वास्तविक मूल्य सामने लाया जा सकता है।
73.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कम लागत, व्यापक पहुंच और उच्च दक्षता के साथ लोगों के दैनिक जीवन में प्रवेश करने की क्षमता ही एआई नवाचार की असली कसौटी है। वहीं, 85.1 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि बड़े पैमाने पर नवाचार एक स्वस्थ और टिकाऊ कारोबारी चक्र बनाता है, जिससे तकनीकी उपलब्धियां लंबे समय तक निरंतर विकसित होती रहती हैं।
यह वर्ष चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत का वर्ष है। चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए व्यापक लक्ष्य तय कर रहा है, जिसमें नवाचार के व्यावहारिक उपयोग और उसके लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सर्वेक्षण में 93.2 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि चीन की मजबूत विनिर्माण प्रणाली और इंजीनियरिंग क्षमता तकनीकी उपलब्धियों को तेजी से उत्पादों, उत्पादन लाइनों और औद्योगिक क्षमता में बदलने में सक्षम बनाती है। 92.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उच्च स्तरीय खुलेपन और वैश्विक नवाचार नेटवर्क में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से चीन दुनिया के तकनीकी विकास को स्थिरता और भरोसा प्रदान कर रहा है। वहीं, 90.8 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास की चीन की अवधारणा वैश्विक अर्थव्यवस्था की व्यापक दिशा को दर्शाती है।
बता दें कि यह सर्वेक्षण सीजीटीएन के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया। 24 घंटे के भीतर 5,913 इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इसमें भाग लेकर अपनी राय व्यक्त की।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

