Saturday, June 27, 2026
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समाज को नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में आगे आना होगा: कन्नड़ फिल्म अभिनेता विनय राजकुमार

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मैसूरु, 26 जून (आईएएनएस)। कन्नड़ फिल्म अभिनेता विनय राजकुमार ने कहा कि समाज में नशीली दवाओं के खतरे को नियंत्रित करने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।

इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और नशीली दवाओं की खरीद-फरोख्त और सेवन को रोकने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, यदि खरीदार नहीं होंगे, तो नशीली दवाओं का व्यापार स्वाभाविक रूप से कम हो जाएगा। उन्होंने समाज से एकजुट होकर इस समस्या को खत्म करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम करने का आह्वान किया।

विनय राजकुमार ने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यक्तिगत, पारिवारिक या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण नशीली दवाओं की लत में पड़ने वाले लोगों को अलग-थलग या कलंकित नहीं किया जाना चाहिए। पुनर्वास के बाद लौटने वालों को ‘नशेड़ी’ का लेबल नहीं लगाया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें सामान्य व्यक्तियों के रूप में समाज में वापस स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को समर्थन और प्रोत्साहन प्रदान करने से उन्हें अपना जीवन फिर से बनाने और समाज की मुख्यधारा में पुनः एकीकृत होने में मदद मिलेगी।

वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। चंद्रबाबू अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर, हमें याद दिलाया जाता है कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अंततः हमारे युवाओं, उनके सपनों, उनके स्वास्थ्य और उनके भविष्य के लिए लड़ाई है।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में हम मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, हम नशे की लत से जूझ रहे लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे, ताकि वे सम्मान के साथ उबर सकें और अपना जीवन फिर से संवार सकें।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने आगे कहा कि हमारे राज्य में नशीली दवाओं को पनपने देने के दिन अब बीत चुके हैं। आज आंध्र प्रदेश नशीली दवाओं की तस्करी के प्रति शून्य सहिष्णुता, पुनर्वास चाहने वालों के लिए आशा और हर परिवार के लिए एक सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है।