चंडीगढ़, 26 जून (आईएएनएस)। हरियाणा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्वच्छ वायु अभियान को गति देते हुए एक रोडमैप जारी किया है।
इस पहल के तहत नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत, वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का 22 से 45 केंद्रों तक विस्तार, ‘नो पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसीसी), नो फ्यूल’ नीति का कार्यान्वयन और लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों का पुनर्निर्माण शामिल है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के ढांचे के तहत एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बहुक्षेत्रीय कार्य योजना की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे समयबद्ध तरीके से इन पहलों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि सर्दियों के आगमन से पहले प्रदूषण नियंत्रण उपाय पूरी तरह से लागू हो सकें।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) राजा शेखर वुंद्रू ने बताया कि हरियाणा ने इस वर्ष गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की योजना बनाई है।
वर्तमान में, 70 इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही परिचालन में हैं, जबकि 385 अतिरिक्त बसों के लिए खरीद आदेश दिए जा चुके हैं।
इस पहल से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वायु प्रदूषण की निगरानी को मजबूत करने के लिए, हरियाणा अपने सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र नेटवर्क का विस्तार भी कर रहा है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एनसीआर में वर्तमान में 22 परिचालन निगरानी केंद्र हैं, जबकि 23 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
दो केंद्रों के लिए कार्य आदेश जुलाई के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है, जबकि शेष केंद्रों के लिए निविदाएं शीघ्र ही जारी की जाएंगी।
विस्तारित निगरानी नेटवर्क को 30 सितंबर से पहले पूरी तरह से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सर्दियों के प्रदूषण के मौसम के दौरान व्यापक वास्तविक समय की निगरानी संभव हो सकेगी।
वाहन उत्सर्जन नियंत्रण की समीक्षा करते हुए राज्य के मुख्य सचिव रस्तोगी ने 1 अक्टूबर से ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ पहल को लागू करने की तैयारियों का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बताया कि एनसीआर जिलों के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित की जा रही है।
पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंप शामिल होंगे, जबकि शेष 2,005 पंपों को निर्धारित समय सीमा से पहले कवर कर लिया जाएगा।
एक बार चालू होने के बाद यह प्रणाली ईंधन देने से पहले प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों का इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापन करेगी।
बैठक में पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

