लखनऊ, 27 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में ओपी राजभर ने दावा किया कि अगर अखिलेश सरकार के दौर के भ्रष्टाचार का कोई बड़ा उदाहरण देखना हो, तो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे सबसे बड़ा नमूना है।
यूपी सरकार के पंचायती मंत्री ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के जरिए पैसा कमाने की लालच में एक्सप्रेसवे का रूट इस तरह मोड़ा गया कि वह सीधा और सुगम बनने के बजाय ऊपर-नीचे और घुमावदार हो गया। यही वजह है कि यह एक्सप्रेसवे हादसों के लिए बदनाम हो चुका है और कई लोग इसे ‘मौत का एक्सप्रेसवे’ तक कहते हैं। इसे मानकों की अनदेखी कर जल्दबाजी में निर्माण किया गया, जिसकी कीमत अब तक कई लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है और अनेक परिवार उजड़ गए हैं।
ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान सैफई परिवार और उनके करीबी लोगों ने जनता के पैसे की बंदरबांट की। फिरोजाबाद से लेकर इटावा तक लूट के किस्से भरे पड़े हैं। पहले औने-पौने दाम पर जमीनें खरीदी गईं, फिर एक्सप्रेसवे का रूट बदला गया। रिकॉर्ड में बदलाव कर कई जमीनों को आवासीय दिखाया गया और एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद भी कई रजिस्ट्रियां कराई गईं। इसके बाद मुआवजे के नाम पर भारी गड़बड़ी की गई और एक्सप्रेसवे बनने के बाद सैफई परिवार तथा उनके करीबी लोगों की जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगीं।
यूपी सरकार के मंत्री ने यह भी दावा किया कि निजी फायदे के लिए एक्सप्रेसवे को घरों के दरवाजे तक मोड़ दिया गया, जिससे इसकी लंबाई 270 किलोमीटर से बढ़कर 300 किलोमीटर से अधिक हो गई। इसका खामियाजा आज भी आम लोगों को ज्यादा दूरी, समय और ईंधन खर्च के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुल रही हैं। सैफई परिवार को इसकी सजा जरूर मिलेगी और वे जेल इसी एक्सप्रेसवे से जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ने दावा किया कि उनके पास सैफई परिवार के पापों का ‘डोजियर’ पड़ा है।

