Monday, June 29, 2026
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पूर्व टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने यूसीसी बिल का किया समर्थन, बोले-एक देश में एक कानून जरूरी

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कोलकाता, 28 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता ने पश्चिम बंगाल की विधानसभा में पेश होने वाले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि एक देश में एक कानून होना चाहिए। विपक्ष को इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए।

रिजु दत्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा था। भाजपा कई साल से यूसीसी के बारे में बात करती आ रही है। अब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार है, इसलिए वह यूसीसी ला रहे हैं। इस देश में हर धर्म के लोग लंबे समय से रह रहे हैं और भविष्य में भी यहीं रहेंगे। देश का संविधान सभी धर्मों के लोगों को सुरक्षा देता है। यूसीसी का मतलब है कि एक ही कानून सभी पर लागू होगा। मैं चाहता हूं कि विधानसभा में सर्वसम्मति से यूसीसी बिल पास हो। इस बिल का विरोध विपक्ष को भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक देश में एक कानून जरूरी है।

रिजु दत्ता ने कहा, “तारातला में हुई घटना में 16 लोगों की जान चली गई। ये वे लोग थे जो वहां सिर्फ काम करने और अपनी रोजी-रोटी कमाने गए थे। इसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे गिरफ्तार किया जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने एक हाई-पावर्ड एसआईटी का गठन किया है। पांच-छह लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।”

“पश्चिम बंगाल में हर साल मुहर्रम मनाया जाता है और इस साल भी मनाया गया। पिछले वर्षों में कुछ जगहों पर कुछ लोगों ने डीजे, तलवारों और दूसरे हथियारों के साथ हद से अधिक उत्साह दिखाया था। इस बार सरकार थोड़ी सख्त थी। सरकार और पुलिस प्रशासन ने कुछ सख्त गाइडलाइंस जारी की थीं और सभी ने उन गाइडलाइंस का पालन किया। इस बार मुहर्रम के जुलूस में डीजे और अस्त्र-शस्त्र नहीं दिखा।”

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था कि उनकी सरकार धर्मांतरण के खिलाफ एक सख्त कानून बनाएगी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के उपायों के तहत राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेगी। उन्होंने कहा था कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से घुसपैठ ने धर्मांतरण, ‘लव जिहाद’ और जनसांख्यिकीय बदलावों में योगदान दिया है।