नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया। पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक में अफगानिस्तान के 36 नागरिक मारे गए जबकि 163 घायल हो गए। तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार ने दावा किया है कि पक्तिया, पक्तिका और कुनर के पूर्वी प्रांतों में की गई सीमा-पार सैन्य कार्रवाई में व्यापक तबाही हुई है।
पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक की आलोचना करते हुए अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स को बुलाया और अफगानिस्तान के एयरस्पेस के उल्लंघन और कुनार, पक्तिया और पक्तिका प्रांतों में आम लोगों के घरों पर बमबारी के बारे में अपना कड़ा और पक्का विरोध जताया।”
तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट में नागरिक हताहतों का विवरण साझा करते हुए कहा, “अब तक उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, बीती रात हुए हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 36 नागरिकों की मृत्यु हो गई, जबकि 163 अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा, तीन आवासीय मकान पूरी तरह नष्ट हो गए।”
पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई के निशाने पर आए क्षेत्रों का विवरण देते हुए फितरत ने बताया कि पक्तिया प्रांत के चमकनी जिले के मंडोखेल गांव में “पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने एक नागरिक के घर पर बमबारी की। इस हमले में एक बुज़ुर्ग और एक बच्चे की मृत्यु हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए।”
उप-प्रवक्ता पोस्ट में आगे कहा कि इसके बाद उसी स्थान पर बचाव कार्य में जुटे लोगों को भी निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा, “जब स्थानीय निवासी घायलों को बचाने के लिए एकत्र हुए, तो उस स्थान पर दूसरी बार बमबारी की गई, जिससे 28 ग्रामीणों की मृत्यु हो गई और 158 अन्य घायल हो गए।”
बयान के अनुसार, एक अन्य घातक हमला पक्तिका प्रांत के गियान जिले के वालुस्त गांव में हुआ, जहां एक ग्रामीण के घर को निशाना बनाया गया।
फितरत ने कहा, “इस हमले में छह लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे।” वहीं, तीसरा हमला कुनर प्रांत के मनोगई ज़िले के बारोलो गांव में हुआ।
फितरत के अनुसार, “एक नागरिक के घर पर बमबारी की गई। सौभाग्य से इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर पूरी तरह नष्ट हो गया और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ।”

