Monday, June 29, 2026
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भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्ते दोनों देशों के लिए फायदेमंद होंगे: अमिताभ कांत

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नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। भारत के पूर्व जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते संबंध दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का एक प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार है, वहीं भारत भी तेजी से दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्तियों में शामिल हो रहा है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट) को लेकर भी लगातार बातचीत चल रही है।

आईएएनएस से बातचीत में अमिताभ कांत ने कहा कि भारत सरकार ने हमेशा अमेरिका के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की कोशिश की है, क्योंकि अमेरिका भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारों में से एक है।

उन्होंने कहा, “अमेरिका भारत का एक बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। यदि भारत अमेरिका के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करता है तो इसका फायदा दोनों देशों को मिलेगा।”

पूर्व नीति आयोग सीईओ ने आगे कहा कि अमेरिका वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा रखता है और दुनिया के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) का लगभग आधा हिस्सा भी अमेरिका के पास है। इसके अलावा, कई अत्याधुनिक तकनीकों (फ्रंटियर टेक्नोलॉजी) के विकास में भी अमेरिका अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा, “भारत की विकास यात्रा को अमेरिकी बाजार के साथ गहरे जुड़ाव से काफी लाभ मिल सकता है।”

अमिताभ कांत ने कहा कि अमेरिका को भी वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती अहमियत को समझना होगा।

उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह यात्रा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अमिताभ कांत ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और आर्थिक सुधारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक है और पिछले कुछ वर्षों में देश ने दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

अमिताभ कांत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि अमेरिका अगले वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारी कर रहा है।

रुबियो के भी इस वर्ष के अंत तक भारत आने की संभावना है, जहां वह ट्रंप की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।