वडोदरा, 29 जून (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को आयरलैंड के कारोबारियों को राज्य में निवेश और व्यापार के अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता गुजरात और आयरलैंड के बीच आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने यह आमंत्रण वडोदरा में सेंट्रल गुजरात के वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान आयरलैंड के कॉन्सल जनरल पैट्रिक डफी के साथ हुई बैठक में दिया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बातचीत का मुख्य फोकस गुजरात और आयरलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और पारस्परिक विकास वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना रहा।
उन्होंने लिखा, ”वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान आयरलैंड के कॉन्सल जनरल पैट्रिक डफी से मिलकर खुशी हुई। गुजरात-आयरलैंड आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर सार्थक चर्चा हुई। भारत-ईयू एफटीए के जरिए नए अवसर खुल रहे हैं, इसलिए मैं आयरिश कंपनियों को गुजरात में निवेश के लिए आमंत्रित करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के अलावा भी कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
उन्होंने कहा, ”हम प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं, जिससे गुजरात एक प्रमुख वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत होगा।”
यह बैठक वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के तहत आयोजित कई कार्यक्रमों का हिस्सा थी, जिसमें आयरलैंड, जापान, यूक्रेन और रवांडा जैसे देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह दो दिवसीय सम्मेलन मध्य गुजरात में औद्योगिक विकास, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और निवेश अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
इससे पहले राज्य सरकार ने गुजरात की औद्योगिक नीति, बुनियादी ढांचे और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया। साथ ही स्मार्ट जीआईडीसी एस्टेट्स जैसी नई पहलें भी शुरू की गईं।
सम्मेलन में एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और आदिवासी कारीगरों के लिए एक व्यापार प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिससे उन्हें निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल लगातार वाइब्रेंट गुजरात प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक साझेदारियों को बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं।
आयरलैंड के कॉन्सल जनरल के साथ उनकी यह बैठक गुजरात को तकनीक, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को दर्शाती है।

