तेहरान, 30 जून (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका के साथ हाल ही में हुआ शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के साथ पूरी तरह तालमेल और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) के समर्थन से तैयार किया गया है।
मध्य ईरान के कोम प्रांत के दौरे के दौरान पेजेश्कियन ने कहा, “अमेरिका के साथ बातचीत के सभी चरण ईरानी सरकार की बड़ी नीतियों के दायरे में, सर्वोच्च नेता के साथ लगातार और पूरी तरह तालमेल बनाकर और देश के कानूनी नियमों के अनुसार आगे बढ़ाए गए।”
उनके कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़ी पाबंदियों और अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए भी समझौते के अंतिम मसौदे की संबंधित ईरानी अधिकारियों ने समीक्षा की और एसएनएससी के सदस्यों ने इसे पूरा समर्थन दिया।
पेजेश्कियन ने कहा कि यह एमओयू ईरानी लोगों के लिए एक कूटनीतिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ अंतिम समझौते तक पहुंचने की बातचीत में ईरान अपने लोगों के अधिकारों, अपने मूल सिद्धांतों और राष्ट्रीय हितों से किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेगा।
18 जून को ईरान और अमेरिका ने क्षेत्र में चल रहे युद्ध को सभी मोर्चों पर खत्म करने के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें लेबनान भी शामिल है। दोनों देश अब एक अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत कर रहे हैं, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में राहत को लेकर।
सोमवार को पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि किसी समझ तक पहुंचना दोनों देशों का आपसी मामला है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका एमओयू की शर्तों को पूरा करता है, तो ‘हम भी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करेंगे।’
उन्होंने कहा कि ईरान ‘अनुचित दिखावे और बेबुनियाद धमकियों’ का जवाब समझदारी से फैसले लेकर और मजबूती से अपनी रक्षा करके देता है।
सोमवार को ही पेजेश्कियन ने कहा कि कतर में रखी गई ईरान की करीब 6 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति अब जारी होकर वापस देश में आएगी। उन्होंने इस एमओयू को ईरानी लोगों के लिए ‘एक बड़ी जीत’ बताया।

