काराकस, 1 जुलाई (आईएएनएस)। वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने बताया कि हाल ही में आए दो भीषण भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,943 हो गई है। वहीं, 10,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है। राहत और बचाव कार्यों में सेना को भी लगाया गया है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी शिविर बनाए गए हैं और डॉक्टरों की टीमें घायलों का इलाज कर रही हैं।
इसी बीच सोमवार सुबह वेनेजुएला के शहरों कराकस और तटीय शहर ला गुएरा के पास 4.2 तीव्रता का एक और भूकंप आया। इस झटके के बाद लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर पहुंच गए। कुछ ही दिन पहले आए दो शक्तिशाली भूकंपों से यह इलाका पहले ही भारी तबाही झेल चुका है।
वेनेजुएला की सरकारी भूकंप अनुसंधान संस्था के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र कैरेबियन सागर में ला गुएरा राज्य के तट से करीब 10 किलोमीटर दूर था। इसी राज्य को पिछले बुधवार आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। सोमवार का यह झटका स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9:30 बजे महसूस किया गया, जिससे पहले से डरे हुए लोगों में फिर से दहशत फैल गई।
राजधानी काराकस और तटीय शहर ला गुएरा में रहने वाले लोग इमारतों के हिलने पर अपने घरों और काम की जगहों से बाहर निकल आए। बड़ी संख्या में लोग पार्कों, मैदानों और अन्य खुले स्थानों पर इकट्ठा हो गए। उन्हें डर था कि कहीं पहले से कमजोर हो चुकी इमारतें फिर से न गिर जाएं।
ला गुएरा की रहने वाली मारिया लोपेज़ ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम बहुत डरे हुए हैं। बुधवार से हम ठीक से सो नहीं पाए हैं। हर झटके के साथ हम बाहर भागते हैं।”
घबराहट के बावजूद, अधिकारियों ने कहा कि सोमवार के आफ्टरशॉक से कोई और नुकसान या किसी की मौत की खबर नहीं है।
भूकंप के झटके के बाद रोड्रिगेज ने कहा, “हमें देश के किसी भी हिस्से में और नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।” उन्होंने नागरिकों से शांत रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की।
यह नया झटका ऐसे समय आया है, जब वेनेजुएला अभी भी पिछले बुधवार आए दो बड़े भूकंपों के बाद की स्थिति से जूझ रहा है।
रविवार को जॉर्ज रोड्रिग्ज ने बताया था कि उन दोनों भूकंपों में मरने वालों की संख्या 1,450 तक पहुंच गई थी। साथ ही 774 इमारतें पूरी तरह ढह गईं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। कई प्रभावित इलाकों में अब भी राहत और बचाव अभियान जारी है। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और राहत व बचाव कार्य में जुटी टीमों का सहयोग करने की अपील की है। सरकार ने आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की है। साथ ही तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है, ताकि सुनामी जैसी किसी संभावित स्थिति से बचा जा सके।

