ग्वालियर, 2 जुलाई (आईएएनएस)। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों द्वारा एक युवक के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और मामले को संभालने में कथित लापरवाही के कारण एक सब-इंस्पेक्टर को पुलिस लाइन भेज दिया है। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है कि जीआरपी उस व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने में विफल रही, जिसे कथित चोरी की कोशिश के बाद हिरासत में लिया गया था और इसके बजाय उसे जाने दिया।
रेलवे पुलिस के अनुसार, यह घटना 29 जून की शाम करीब 4 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर हुई, जब एक महिला ने युवक पर उसके कान से सोने की बाली छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया। महिला के शोर मचाने पर यात्रियों ने उसे पकड़ लिया और सुरक्षा कर्मियों के हस्तक्षेप से पहले उसके साथ मारपीट की।
मारपीट के दौरान युवक ने भीड़ से खुद को बचाने के लिए अपने साथ मौजूद एक बच्चे को गोद में उठा लिया। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे भीड़ की हिंसा और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई दोनों पर ध्यान गया। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने भीड़ से उस व्यक्ति को बचाया और आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंप दिया।
उसके खिलाफ कोई तत्काल कानूनी कार्रवाई न किए जाने के आरोपों के बाद मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठे। वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए रेलवे पुलिस हेडक्वार्टर ने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए। जांच के नतीजों के आधार पर जीआरपी के सब-इंस्पेक्टर चेतन कोरोलिया को विभागीय जांच पूरी होने तक पुलिस लाइन भेज दिया गया।
रेलवे पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने कहा, “घटना की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। हम वायरल वीडियो के आधार पर युवक के साथ मारपीट में शामिल लोगों की पहचान भी कर रहे हैं। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
इस घटना ने रेलवे पुलिस द्वारा कथित चोरी के मामलों को संभालने के तरीके और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की बढ़ती चिंता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय जांच के नतीजों से यह तय होगा कि आगे कोई अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

