Thursday, July 2, 2026
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वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरे महाराष्ट्र में कार्यशालाएं होंगी

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मुंबई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी और सुगम क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार राज्य एवं जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन करेगी। प्रभारी मंत्री शंभूराज देसाई ने विधानसभा में यह जानकारी दी।

शंभूराज देसाई ने बताया कि योजना लागू होने के बाद इसके प्रावधानों को सरल तरीके से लागू करने तथा पूर्व की योजनाओं के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों को इसमें प्रभावी ढंग से समाहित करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर विधायकों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में नई योजना की प्रमुख विशेषताओं के साथ-साथ पुरानी योजनाओं से शामिल किए गए प्रावधानों के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजना की जानकारी जनप्रतिनिधियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रत्येक जिले में भी ग्राम पंचायत सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के लिए इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को योजना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराना और इसके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। इस संबंध में विधानसभा में मूल प्रश्न विधायक नारायण कुचे ने उठाया था, जबकि विधायक राजकुमार बडोले और अतुल भोसले ने पूरक प्रश्न पूछे।

वहीं, विधानसभा सदस्य साजिद पठाण को कथित रूप से मिल रहे धमकी भरे फोन का मुद्दा गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा। इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए यह मामला सदन में उठाया और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। सरकार की ओर से मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही इस मामले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं।

वहीं, मंत्री शंभूराज देसाई ने आश्वासन दिया कि सरकार शिकायत को गंभीरता से दर्ज करेगी और संबंधित विधायक से मामले की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे के साथ-साथ किसानों से जुड़े अहम विषयों पर भी चर्चा से बच रही है। इसके विरोध में विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट (सभात्याग) कर दिया।