नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात कर राज्य में प्रस्तावित विमानन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी देने और अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं में तेजी लाने पर चर्चा हुई।
नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ उनकी बेहद सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के साझा विजन पर सहमति जताई।
बैठक में राज्य में प्रस्तावित छह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट सिलचर, मानस, उमरांगसो, माजुली, दीफू और चराइदेव के साथ हाफलोंग में प्रस्तावित हेलिपोर्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिलचर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार अधिकांश प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर चुकी है। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि अन्य प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्टों के लिए चल रहे प्री-फीजिबिलिटी अध्ययन में भी तेजी लाने पर सहमति बनी है, जिससे इन परियोजनाओं को जल्द अगले चरण में ले जाया जा सके।
बैठक में रुपसी एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की भी समीक्षा की गई। पश्चिमी असम में स्थित यह हवाई अड्डा क्षेत्रीय हवाई संपर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के विमानन क्षेत्र के लिए यह एक उत्साहजनक दौर है। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य केवल हवाई संपर्क बढ़ाना नहीं है, बल्कि एयरपोर्ट अवसंरचना के विस्तार के जरिए आर्थिक गतिविधियों को गति देना, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और राज्य के दीर्घकालिक विकास को नई दिशा देना भी है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्टों के निर्माण से दूर-दराज के इलाकों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी और असम को पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स गेटवे के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के.के. द्विवेदी, असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन समेत दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

