पटना, 2 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नवल किशोर यादव ने बांकीपुर उपचुनाव, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), जेडीयू के साथ तालमेल और भारत-पाकिस्तान संबंधों समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने बांकीपुर सीट को भाजपा का गढ़ बताते हुए प्रशांत किशोर के चुनावी असर संबंधी दावों को पूरी तरह खारिज किया। साथ ही, उन्होंने यूसीसी को लागू किए जाने के विचार का समर्थन किया और कहा कि यदि सरकार लागू करना चाहती है तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है।
बंगाल में यूसीसी और बिहार में इसकी संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में नवल किशोर यादव ने कहा, “लागू करना है, उसमें दिक्कत क्या है? ये कौन सा बुरा काम है? हम अपने देश में कोई कानून लाते हैं, देश को सुरक्षित रखना चाहते हैं। हम अपने देश को किसी परिधि में बांधकर रखना चाहते हैं, ट्रांसपेरेंट रखना चाहते हैं, तो इसमें दिक्कत क्या है? ये तो होना ही चाहिए।”
उन्होंने जेडीयू की ओर से यूसीसी पर विमर्श और सभी पक्षों को साथ लेकर चलने की बात कहे जाने पर कहा कि सरकार में आपसी संवाद बना हुआ है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या जेडीयू से वार्ता हुए बिना ही सरकार चल रही है?
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के चुनावी प्रभाव संबंधी दावों को नकारते हुए नवल किशोर यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर के उम्मीदवार को जितना वोट आया था, उसका 1/4 वोट आएगा। प्रशांत किशोर को कौन पूछने जा रहा है? वह सीट भाजपा की है और भाजपा की ही रहेगी। प्रशांत किशोर को तो सोसाइटी ने रिजेक्ट कर दिया है। वो सिर्फ पब्लिसिटी में आकर मीडिया में बने रहना चाहते हैं। उनका नामो-निशान बुझ गया है।
भारत-पाकिस्तान के बीच संबंध सामान्य बनाने के सवाल पर नवल किशोर यादव ने कहा कि पत्र लिखने वाले बुद्धिजीवी के पहले सब बुद्धिहीन थे क्या? सब तो बुद्धिजीवी ही थे। बुद्धिजीवी लोगों ने ही हिंदुस्तान और पाकिस्तान का बंटवारा किया था। पाकिस्तान को भी हिंदुस्तान में मिला दें। रिश्ता तो तभी ठीक हो सकता है, जब हिंदुस्तान में ही पाकिस्तान विलय कर जाए और हिंदुस्तान स्वीकार कर ले, वरना तो ऐसे तो कुछ हो नहीं सकता है। इसलिए ये बुद्धिजीवी सब अपना-अपना ऐसे ही बोलते रहते हैं।

