नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय ड्रेसेज राइडर अनुष अगरवाला ने जर्मनी के हेगन में ‘कैवेलिएरो ड्रेसेज डेज’ में सीडीआई1 प्रिक्स सेंट जॉर्जेस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।
‘स्ट्रेट हॉर्स फ्लोरियाना’ के साथ मिलकर, अगरवाला ने 70.147 प्रतिशत स्कोर हासिल किया और 22 प्रतिद्वंद्वियों के बीच दूसरा स्थान अपने नाम किया। भारतीय राइडर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। फ्लोरियाना के साथ उनकी जोड़ी एक बार फिर निर्णायक साबित हुई और दोनों ने 70 प्रतिशत का अहम आंकड़ा पार किया।
यह यूरोपियन कैंपेन में अगरवाला के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रमुख ड्रेसेज राइडर्स में से एक के तौर पर उनकी पहचान को और मजबूत करती है।
यह नतीजा ऐसे समय में आया है जब आगामी एशियन गेम्स के लिए अपने सिलेक्शन स्टेटस को लेकर अगरवाला और इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईएफआई) को चलाने वाली एड-हॉक कमेटी के बीच विवाद जारी है।
एशियन गेम्स में टीम ड्रेसेज गोल्ड मेडलिस्ट रहे अगरवाला ने हाल ही में इस बड़े कॉन्टिनेंटल इवेंट के लिए रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुने जाने के बाद चयन प्रक्रिया को चुनौती दी थी। अगरवाला ने दिल्ली हाई कोर्ट में ईएफआई की एड-हॉक कमेटी और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के खिलाफ रिट याचिका दायर की है।
अपनी याचिका में, राइडर ने एड-हॉक कमेटी की तरफ से जारी 16 जून 2026 की सिलेक्शन लिस्ट को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कोर्ट से यह भी अनुरोध किया है कि सिलेक्शन कमेटी का पुनर्गठन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इसमें कोई हितों का टकराव न हो।
अनुष ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में कहा था, “आज, मैं ईएफआई 1 रैंकिंग में भारत का नंबर 1, एशिया का नंबर 2 और दुनिया का नंबर 14 ड्रेसेज राइडर हूं। मैंने इस साल सभी भारतीय एथलीट्स में सबसे ज्यादा पीएसजी स्कोर भी हासिल किया है। इसीलिए, आगामी एशियन गेम्स के लिए रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुना जाना हैरानी की बात है। इससे एथलीट सिलेक्शन के लिए अपनाए जा रहे मानदंडों पर अहम सवाल खड़े होते हैं।”

