नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), मैसूर के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक के बैंक लॉकरों से 1.24 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति जब्त की है। एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई कर्नाटक के मैसूर स्थित दो बैंक लॉकरों की तलाशी के दौरान की गई।
सीबीआई ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि आरोपी के पास उसकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में लगभग 1.20 करोड़ रुपए से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति थी, जो उसकी वैध आय से करीब 51 प्रतिशत अधिक थी।
जांच के क्रम में 3 जुलाई 2026 को आरोपी के दो बैंक लॉकर खोले गए। इनमें एक लॉकर भारतीय स्टेट बैंक की 80 फीट रोड शाखा, मैसूर और दूसरा कर्नाटक बैंक की वीवी मोहल्ला शाखा में था। तलाशी के दौरान सीबीआई को सोने के आभूषण, चांदी की वस्तुएं, 24 कैरेट सोने की ईंटें (गोल्ड बुलियन), चांदी की छड़ें, कैश और सावधि जमा (एफडी) से जुड़े दस्तावेज मिले।
बरामद सामग्री में 525 ग्राम सोने के आभूषण, 416 ग्राम चांदी की वस्तुएं, 241.21 ग्राम वजनी 24 कैरेट सोने की ईंटें, दो किलोग्राम की चांदी की छड़, 12 लाख रुपए और 10-10 लाख रुपए की दो सावधि जमा (एफडी) शामिल हैं।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी सोने की ईंटों, चांदी की छड़, नकदी और एफडी के स्रोत के संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। इसके बाद एजेंसी ने इन सभी संपत्तियों को जब्त कर लिया। हालांकि सोने के आभूषण और चांदी की अन्य वस्तुओं को फिलहाल जब्त नहीं किया गया है और उनकी जांच जारी है।
एजेंसी के मुताबिक, जब्त की गई सोने की ईंटों, चांदी की छड़ों, नकदी और एफडी का कुल मूल्य 1,02,91,184 रुपए आंका गया है। वहीं, सोने के आभूषण और चांदी की वस्तुओं को भी शामिल करने पर बरामद संपत्ति का कुल मूल्य 1,24,91,184 रुपए पहुंचता है।
सीबीआई ने बताया कि इस नई बरामदगी को आरोपी की आय से अधिक संपत्ति में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद आरोपी की कुल संदिग्ध संपत्ति बढ़कर लगभग 2.45 करोड़ रुपए हो गई है, जो उसकी ज्ञात वैध आय से 100 प्रतिशत से भी अधिक है। एजेंसी का आरोप है कि यह संपत्ति अवैध तरीकों से अर्जित की गई।
सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी की अन्य चल-अचल संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन तथा संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

