अहमदाबाद, 5 जुलाई (आईएएनएस)। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण गिर सोमनाथ के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए और समुद्र में भी हलचल बढ़ गई। इसके चलते जिला प्रशासन को कई बचाव अभियान चलाने पड़े, जिनमें 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बाढ़ से घिरे घर में फंसे चार लोगों को बचाया गया और चार मछुआरों को सुरक्षित किनारे लाया गया जिनकी नाव समुद्र में बह गई थी।
सबसे बड़ा बचाव अभियान गंगडा गांव में चलाया गया, जहां भारी बारिश के बाद रात करीब 1 बजे रूपेन नदी का तटबंध टूटने से लगभग 250 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, तटबंध टूटने से नदी का बाढ़ का पानी गांव के ‘न्यू प्लॉट’ और ‘उंटवाला रोड’ इलाकों में घुस गया, जिससे घर पानी में डूब गए और करीब 250 लोग फंस गए।
मामलतदार कार्यालय, तालुका पंचायत, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के कर्मचारियों ने तुरंत मिलकर बचाव अभियान शुरू किया। बचाव टीमों ने निवासियों को सुरक्षित स्थानों – गंगडा प्राइमरी स्कूल और बापा सीताराम आश्रम – में पहुंचाया।
प्रशासन ने बताया कि लगभग 115 लोगों के लिए रहने, खाने और सोने की व्यवस्था की गई, जबकि बाकी प्रभावित लोग अपने रिश्तेदारों या परिवार के सदस्यों के साथ रहने चले गए।
अधिकारियों ने कहा कि फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बेघर हुए लोगों के लिए जरूरी राहत इंतजाम किए गए।
एक अलग घटना में, ऊना तालुका के सुल्तानपुर गांव में रात के समय निचले रिहायशी इलाकों में बारिश का पानी घुसने के बाद, बाढ़ से घिरे घर में फंसे चार लोगों को बचाया गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि घर में पानी घुसने के बाद चार लोग फंस गए हैं।
मामलतदार कार्यालय और एसडीआरएफ के कर्मचारियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और घर में मौजूद चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाए गए लोगों को सुल्तानपुर प्राइमरी स्कूल पहुंचाया गया, जहां उनके रहने और सोने की व्यवस्था की गई।
प्रशासन ने कहा कि भारी बारिश को देखते हुए एसडीआरएफ पूरे जिले में अलर्ट पर है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
जोरदार बारिश और तेज हवाओं का असर जिले के तटीय इलाकों पर भी पड़ा, जहां समुद्र में उथल-पुथल के कारण लंगर डालकर रोकी गई कई नावें अपनी जगह से हट गईं।
प्रशासन के अनुसार, ऊना तालुका के सैयद राजपरा गांव के पास खाड़ी इलाके में लंगर डालकर रोकी गई पांच-छह नावें और दो-तीन छोटी मछली पकड़ने वाली नावें समुद्र में बह गईं। ऐसा तेज हवाओं, भारी बारिश और नदी के तेज बहाव के संयुक्त असर से उनके लंगर उखड़ जाने के कारण हुआ।
अधिकारियों को पता चला कि बह रही नावों में से एक में चार मछुआरे सवार थे, जिसके बाद इंडियन कोस्ट गार्ड ने बचाव अभियान शुरू किया।

