Wednesday, July 8, 2026
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संयुक्त राष्ट्र में ब्रूनो रोड्रिगेज ने क्यूबा के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध नीति की आलोचना की

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संयुक्त राष्ट्र, 8 जुलाई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने आरोप लगाया कि अमेरिका लगभग सात दशकों से क्यूबा के खिलाफ बहुआयामी और गैर-पारंपरिक युद्ध चला रहा है। पिछले सात महीनों में यह नीति पहले से भी अधिक क्रूर और निर्दयी हो गई है।

ब्रूनो रोड्रिगेज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘क्यूबा पर अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय प्रतिबंधों को समाप्त करने की आवश्यकता’ विषय पर आयोजित डिबेट के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों की ओर से बार-बार क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकियां भी दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका केवल आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय नाकेबंदी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने अभूतपूर्व बाह्य-क्षेत्रीय कदम भी उठाए हैं। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य क्यूबा में मानवीय संकट पैदा करना और पूरे देश को अस्थिर करना है। यह जानकारी सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में भी सामने आई।

बहस शुरू होने से पहले संयुक्त राष्ट्र में प्रबंधन और सुधार मामलों के लिए अमेरिका के प्रतिनिधि जेफ्री बार्टोस ने इस मुद्दे पर दूसरी बार चर्चा कराने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसी विषय पर अक्टूबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक कार्यसूची के तहत पहले ही बहस हो चुकी है। उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र के धन की अनावश्यक बर्बादी बताया और एजेंडा दोबारा खोलने पर रिकॉर्डेड वोट की मांग की। इसके बाद महासभा ने बहस जारी रखने के प्रस्ताव को 136 मतों के समर्थन, 9 मतों के विरोध और 30 देशों के मतदान से दूर रहने के साथ मंजूरी दे दी।

संबोधन में ब्रूनो रोड्रिगेज ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण क्यूबा की जनता को होने वाला मानवीय नुकसान और बढ़ गया है। इससे लोगों के जीवन स्तर में गिरावट आई है, आजीविका के साधन कम हुए हैं, व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक विकास की संभावनाएं सीमित हुई हैं और पूरे देश के लोगों के मानवाधिकारों का बड़े पैमाने पर, खुला और व्यवस्थित उल्लंघन हुआ है। उन्होंने इसे ‘सामूहिक सजा’ करार दिया।

उन्होंने कहा, “अमेरिकी सरकार और खास तौर पर उसका विदेश मंत्रालय यह झूठ फैला रहा है कि यह नाकेबंदी क्यूबा की जनता के खिलाफ नहीं है। आप क्यूबा के लोगों से पूछिए कि क्या वे इस नाकेबंदी की वजह से पीड़ा नहीं झेल रहे हैं।”

क्यूबा के विदेश मंत्री के अनुसार, अमेरिका की ओर से लगाए गए इस प्रतिबंध के कारण अब तक मौजूदा कीमतों के हिसाब से 178.7 अरब डॉलर का संचयी नुकसान हो चुका है।

ब्रूनो रोड्रिगेज ने चेतावनी दी कि आज जो क्यूबा के साथ हो रहा है, वह कल किसी अन्य देश के साथ भी हो सकता है। इसलिए संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्यूबा सरकार की ओर से कभी कोई ऐसा बयान, कोई सबूत या कोई संकेत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि क्यूबा ने अमेरिका को धमकी देने की कोशिश की हो। धमकी देने वाला नहीं, बल्कि धमकियां झेलने वाला देश क्यूबा है। क्यूबा शांति, अंतरराष्ट्रीय कानून, बहुपक्षवाद, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।