Friday, July 10, 2026
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कुवैत दौरा पूरा कर ओमान पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा-व्यापार समेत कई मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

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मस्कट, 9 जुलाई (आईएएनएस)। कुवैत में रक्षा, व्यापार और ऊर्जा पर अहम चर्चा बैठकें पूरी करने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार को ओमान पहुंचे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “गुरुवार को ओमान पहुंचकर खुशी हुई। ओमान के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक शेख अहमद अल मस्करी ने जिस गर्मजोशी से स्वागत किया, उसके लिए उनका धन्यवाद।”

जयशंकर ने बुधवार को कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह से मुलाकात की। उन्होंने भारत के लोगों, खासकर वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की भलाई और उनकी देखभाल के लिए कुवैत सरकार के सहयोग की सराहना की। साथ ही, भारत और कुवैत के बीच रिश्तों को और मजबूत और दोनों देशों के लिए फायदेमंद बनाने के उनके विजन का स्वागत किया।

इसके अलावा, जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से भी मुलाकात की।

बैठक के बाद उन्होंने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जबर अल-अहमद अल-सबाह से मिलकर खुशी हुई। हमने खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का इलाके और दुनिया पर पड़ने वाले असर पर चर्चा की। भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए उनका आभार जताया। हमने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की भी समीक्षा की। मुझे भरोसा है कि आने वाले समय में हमारी रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।”

जयशंकर ने कुवैत के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह से भी मुलाकात की। इस दौरान रक्षा उद्योग में सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा हुई।

उन्होंने कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की।

कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत में भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की। उन्होंने भारत के तेजी से हो रहे बदलाव और दुनिया में बढ़ती उसकी भूमिका के बारे में बात की। साथ ही, भारत और कुवैत की दोस्ती को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय के अहम योगदान की सराहना की।”

जयशंकर ने भी कहा, “कुवैत में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलकर अच्छा लगा। भारत और कुवैत की दोस्ती को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका बहुत अहम है। उनके अनुभव और सुझाव हमारे लिए बेहद मूल्यवान हैं। मैं उनके सभी योगदान के लिए उनका धन्यवाद करता हूं।”

इस दौरे के बाद जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 2028-29 अवधि के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे।

इसके बाद वह 14-15 जुलाई को ब्रसेल्स में होने वाली भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल मीटिंग की तीसरी बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह यूरोपीय संघ और बेल्जियम के अपने समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे।