नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने अपने ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा जारी नोटिस का जवाब भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले व्हाट्सऐप भी सरकार को अपना जवाब सौंप चुका है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार फिलहाल टेलीग्राम और व्हाट्सऐप दोनों कंपनियों की ओर से भेजे गए जवाबों की समीक्षा कर रही है।
दरअसल, यूजरनेम फीचर के जरिए उपयोगकर्ता अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना दूसरे लोगों से बातचीत कर सकते हैं। सरकार को आशंका है कि इस सुविधा का गलत इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, पहचान की नकल और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों के लिए किया जा सकता है।
इससे पहले व्हाट्सऐप ने भी अपने प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर सरकार के नोटिस का जवाब दिया था। फिलहाल मंत्रालय उसकी ओर से दी गई जानकारी की भी जांच कर रहा है।
पिछले सप्ताह मंत्रालय ने व्हाट्सऐप को नोटिस जारी कर कहा था कि प्रस्तावित यूजरनेम फीचर से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और पहचान की चोरी जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकार ने व्हाट्सऐप को यह भी निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक वह भारत में यूजरनेम फीचर लॉन्च न करे।
प्रस्तावित फीचर के तहत उपयोगकर्ता अपना मोबाइल नंबर बताए बिना ही व्हाट्सऐप पर बातचीत कर सकेंगे, जिससे उनकी गोपनीयता और बढ़ेगी।
इस सप्ताह की शुरुआत में आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा था कि उन्हें गुरुवार तक व्हाट्सऐप का जवाब मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी पुष्टि की थी कि सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी उनके यूजरनेम फीचर को लेकर इसी तरह के नोटिस भेजे हैं। सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स से पूछा है कि धोखाधड़ी और पहचान की चोरी के जोखिम को रोकने के लिए उन्होंने कौन-कौन से सुरक्षा उपाय अपनाए हैं।
एस. कृष्णन ने कहा था, “हम नोटिस के जवाब का इंतजार करेंगे। उसके बाद कंपनियों की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।”
इस बीच, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में मंत्रालय के अधिकारियों को मेटा से भी जवाब मांगने का निर्देश दिया था। यह मामला इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी विज्ञापन सामग्री के पाए जाने से संबंधित है।

