वाशिंगटन, 11 जुलाई (आईएएनएस)। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की ईरान की संभावित साजिश से जुड़ी इजरायल द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी की जांच कर रहे हैं। इसी सुरक्षा चेतावनी के चलते तुर्किए से लौटते समय ट्रंप को यात्रा के एक हिस्से में अधिक सुरक्षित माने जाने वाले पुराने एयर फोर्स वन विमान से ले जाने का फैसला किया गया।
अखबार के अनुसार, खुफिया जानकारी में संकेत मिले हैं कि ईरान ट्रंप को मारने का नया प्लान बना रहा है। हालांकि, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इस जानकारी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।
अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि खुफिया जानकारी में तेहरान के कट्टरपंथी हलकों में ट्रंप की हत्या को लेकर सामान्य चर्चा का उल्लेख था, न कि किसी विशिष्ट साजिश का।
यह चेतावनी तब आई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरानी हमलों के बाद ईरान पर अमेरिका के नए हमले का आदेश दिया। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि तेहरान पश्चिम एशिया में अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप कतर द्वारा डोनेट किए गए और अमेरिकी एयर फोर्स द्वारा मॉडिफाइड बोइंग 747 में सवार होकर अंकारा में नाटो समिट में गए थे। उन्होंने अपनी वापसी यात्रा के कुछ हिस्से के लिए पुराने एयर फोर्स वन में स्विच किया, ब्रिटेन के लिए उड़ान भरी और फिर वाशिंगटन के लिए नए एयरक्राफ्ट में सवार हुए।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि यह फैसला इस चिंता को दिखाता है कि डोनेट किए गए एयरक्राफ्ट में कुछ डिफेंसिव कैपेबिलिटी की कमी थी, जो बढ़ते खतरे के माहौल में सुरक्षा के दृष्टिकोण से जरूरी थी।
इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (अमेरिकी समयानुसार) उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि इजरायल ने उनकी हत्या की ईरानी साजिश से संबंधित खुफिया जानकारी अमेरिका को दी थी।
ट्रंप ने कहा कि यदि उनकी हत्या की किसी साजिश में ईरान सफल होता है, तो उन्होंने पहले से ही आवश्यक निर्देश दे रखे हैं।
ट्रंप ने कहा, “मैं लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में नंबर-1 पर हूं और जिंदगी ऐसी ही होती है। मैंने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसे स्तर का बमबारी हमला किया जाए, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।”
इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार द्वारा ईरान को युद्धविराम समाप्त होने की सूचना दिए जाने के बाद भी अमेरिका तेहरान के साथ बातचीत जारी रखेगा।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन की रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में अमेरिका के साथ ऐसी जानकारी साझा की है, जिसमें संकेत दिया गया है कि ईरान ट्रंप की हत्या की नई साजिश पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों के सार्वजनिक होने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने कहा कि वह तेहरान के “नंबर-1 निशाने” पर हैं और उन्होंने ईरान के खिलाफ अपनी सरकार की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया।
अखबार ने कहा कि यदि यह खुफिया जानकारी सही साबित होती है, तो यह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का एक गंभीर संकेत होगा।

