Sunday, July 12, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय एनएचएम के तहत स्वास्थ्य नवाचारों को बढ़ावा देने की पहल,’बेस्ट प्रैक्टिसेज’ पर...

एनएचएम के तहत स्वास्थ्य नवाचारों को बढ़ावा देने की पहल,’बेस्ट प्रैक्टिसेज’ पर मासिक वेबिनार सीरीज शुरू

0
6

नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ पर मासिक वेबिनार सीरीज शुरू की है। यह पहल विश्व जनसंख्या दिवस 2026 के अवसर पर शुरू की गई, जिसका लक्ष्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सफल स्वास्थ्य नवाचारों को साझा करना और उन्हें देशभर में लागू करने का अवसर तलाशना है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह पूरे वर्ष चलने वाला ज्ञान-साझाकरण मंच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाएगा, जहां वे अपने सफल स्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्थानीय स्तर पर विकसित समाधानों और उनके प्रभावों को साझा कर सकेंगे। इसका उद्देश्य ऐसे प्रमाण-आधारित तरीकों को बढ़ावा देना है, जिन्हें अन्य क्षेत्रों में भी अपनाकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाया जा सके।

इस पहले वेबिनार की अध्यक्षता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं एनएचएम मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने की। उन्होंने कहा कि नवाचार तेज, प्रभावी और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की नींव है। उन्होंने इस पहल को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विकसित हो रहे नए विचारों की पहचान, दस्तावेजीकरण और प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत माध्यम बताया।

पटनायक ने कहा कि कई बार राज्य और जिला स्तर की टीमें स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने में इतनी व्यस्त रहती हैं कि उनके द्वारा किए गए बेहतरीन नवाचारों को व्यापक पहचान नहीं मिल पाती। इस अंतर को दूर करने के लिए मंत्रालय ने ऐसे प्रयासों को सामने लाने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने की दिशा में कदम उठाया है।

उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे ऐसे नए विचार और स्थानीय समाधान साझा करें, जो मौजूदा स्वास्थ्य कार्यक्रमों से आगे बढ़कर उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान कर सकें। उन्होंने बताया कि नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर (एनएचएसआरसी) इन नवाचारों के दस्तावेजीकरण और प्रस्तुतीकरण में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।

पहला वेबिनार ‘एनीमिया, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य’ विषय पर केंद्रित था। इसमें तीन राज्यों के अभिनव स्वास्थ्य मॉडलों को प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में प्रभावी परिणाम दिखाए हैं।

वेबिनार में झारखंड ने ‘एनीमिया मुक्त भारत टी4 ऐप’ और ‘इंटीग्रेटेड होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (एचबीएनसी)-होम-बेस्ड यंग चाइल्ड केयर (एचबीवाईसी) होम विजिट पहल’ को प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत ‘चिरायु दिवस’ मॉडल की जानकारी दी। वहीं, मध्य प्रदेश ने किशोरों में बढ़ते मोटापे की समस्या से निपटने के लिए अपनी विशेष पहल साझा की।

मंत्रालय ने कहा कि इन मॉडलों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए समाधान दिखाई देते हैं, जिन्हें अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है। इन पहलों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ बेहतर तालमेल और बड़े स्तर पर लागू किए जाने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया।

इस वेबिनार में राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के 500 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। मंत्रालय के अनुसार, यह भागीदारी स्वास्थ्य क्षेत्र में आपसी सीख, सहयोग और नवाचार आधारित प्रणाली विकसित करने के प्रति अधिकारियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।