Sunday, July 12, 2026
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एआई के युग में मौलिक सोच और लेखन को एक साथ लाना अत्यधिक महत्वपूर्ण : अमृता त्रिपाठी

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नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। पत्रकार अमृता त्रिपाठी द्वारा स्थापित ‘से अगेन प्रेस’ ने शनिवार को नई दिल्ली में अपनी नई प्रकाशन शाखा का शुभारंभ किया। इस दौरान साहित्यिक और प्रकाशन जगत की जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं।

‘से अगेन प्रेस’ की स्थापना लेखिका और एक्स (पहले ट्विटर) इंडिया की पूर्व कंटेंट पार्टनरशिप प्रमुख अमृता त्रिपाठी ने की है। उन्होंने कहा कि एआई के इस युग में मौलिक सोच और लेखन को एक साथ लाना, विचारों का जश्न मनाना और पुस्तकों की खोज करना, केवल एल्गोरिदम के माध्यम से नहीं, पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

प्रकाशन कंपनी ने ‘से अगेन एसेंशियल्स’ श्रृंखला की दो प्रमुख पुस्तकें लॉन्च की हैं, जिनमें से एक है ‘लीड योरसेल्फ’। इस श्रृंखला में भारत और एशिया के तेरह सबसे सम्मानित नेताओं के विचार शामिल हैं। नेतृत्व पर आधारित इन उद्धरणों के संग्रह में सफलता, असफलता और एआई के युग में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक बातों पर प्रामाणिक विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें सीएनबीसी-टीवी18 की प्रबंध संपादक शेरीन भान, अशोका विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक प्रमाथ राज सिन्हा, सेंटलॉजिक्स लैब्स के सह-संस्थापक अभिषेक कुमार और कई अन्य शामिल हैं।

इस श्रृंखला की दूसरी पुस्तक, ‘बी हर्ड’, संचार कौशल और कार्यकारी नेतृत्व पर केंद्रित है, जिसमें कार्यकारी कोच शिवराज परशाद और गायत्री दास शर्मा के विचार और अमृता त्रिपाठी के सार्वजनिक भाषण संबंधी सुझाव शामिल हैं। नेतृत्व के दृष्टिकोण से लिखी गई ‘बी हर्ड’ पाठकों को संचार की बुनियादी बातों से लेकर सक्रिय श्रवण कला तक ले जाती है। पहली पुस्तकें संक्षिप्त हैं और कम ध्यान अवधि वाले पाठकों के लिए उपयुक्त हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रीलंका की उच्चायुक्त महाशिनी कोलन ने पढ़ने के प्रति प्रेम और पाठकों को उनकी मातृभाषा में अधिक पुस्तकें उपलब्ध कराने के महत्व के बारे में बात की। इतिहासकार प्रोफेसर उपिंदर सिंह, डॉ. विजय तन्खा, लेखिका आंचल मल्होत्रा, वरिष्ठ पत्रकार विवेक लॉ और अन्य लोग इस समारोह में शामिल हुए। वहीं, कानून से जुड़ी एक पुस्तक ‘से अगेन प्रेस’ से प्रकाशित होने वाली है।

इस प्रकाशन में ओलंपियन और पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह की आत्मकथा भी शामिल होगी, जिसे उन्होंने पत्रकार संदीप मिश्रा के साथ मिलकर लिखा है।