दिसपुर, 12 जुलाई (आईएएनएस)। असम के कृषि एवं सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार आधुनिक पाइप आधारित सिंचाई प्रणालियों पर अधिक जोर दे रही है। हजारिका दिन में बाघजाप गांव पंचायत स्थित हाटियामुख सिंचाई परियोजना का दौरा कर रहे थे।
लगभग 30.67 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से निर्मित इस नहर आधारित परियोजना से लगभग 5,800 बीघा कृषि भूमि सुनिश्चित सिंचाई के अंतर्गत आ गई है, जिससे क्षेत्र के बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों को लाभ मिल रहा है।
मंत्री ने कहा कि विश्वसनीय सिंचाई की उपलब्धता ने क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को काफी मजबूत किया है और किसानों से आग्रह किया कि वे सुविधाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिकतम उपयोग करके प्रति वर्ष दो से तीन फसल चक्रों की खेती करें।
हजारिका ने कहा कि नहर आधारित सिंचाई परियोजनाओं ने कृषि को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन राज्य सरकार अब आधुनिक पाइप आधारित सिंचाई प्रणालियों पर अधिक जोर दे रही है।
मंत्री ने आगे कहा कि इन परियोजनाओं को कम समय में पूरा किया जा सकता है, इनसे कुशल जल प्रबंधन सुनिश्चित होगा और पारंपरिक नहर सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की चुनौतियों से बचा जा सकेगा।
हजारिका ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को विश्वसनीय जल आपूर्ति सुनिश्चित करने, सतत कृषि को बढ़ावा देने और असम की कृषि अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक सिंचाई अवसंरचना के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कुछ दिन पहले ही पाइप आधारित सिंचाई प्रणालियों की ओर बढ़ने के राज्य सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला था।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया था कि असम की कृषि के लिए एक बड़ा कदम। सरकार सिंचाई के लिए दबावयुक्त पाइप वितरण नेटवर्क में परिवर्तन करेगी, जिससे पानी की बर्बादी कम होगी, लागत कम होगी और किसानों को तेज और अधिक कुशल सिंचाई मिलेगी।
हजारिका ने स्वयं 20 जून को बोको में सिंगुआ जल आपूर्ति पायलट परियोजना का निरीक्षण किया।
यह असम की पहली भूमिगत जल परियोजना है। इसका निर्माण 34.8 करोड़ रुपए के केंद्रीय अनुदान से किया जा रहा है और इससे लगभग 1,427 हेक्टेयर कृषि भूमि को निरंतर जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
यह परियोजना भूमिगत पाइपलाइनों के जाल का उपयोग करके फसलों तक सीधे पानी पहुंचाएगी। इसे जल की बर्बादी को कम करने और दक्षता को अधिकतम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

