Monday, July 13, 2026
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पीएम मोदी की विदेश यात्रा: खास दोस्तों के लिए भारत की खास सौगात, उपहारों में दिखी संस्कृति की झलक

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नई द‍िल्‍ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की छह द‍िवसीय यात्रा रव‍िवार को पूरी हो गई। पीएम मोदी को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का यह दौरा कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों वाला रहा। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने अपने व‍िदेशी म‍ित्रों को खास उपहार भी भेंट क‍िए।

प्रधानमंत्री ने तीन देशों की यात्रा की शुरुआत इंडोनेश‍िया से की। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को उपहार में ‘मनोहरी गोल्ड टी’ भेंट की।

‘मनोहरी गोल्ड टी’ भारत की सबसे खास और बेहतरीन चाय में से एक है, जो असम की समृद्ध चाय परंपरा और कारीगरी को दर्शाती है। इसे खास तौर पर पी-126 चाय क्लोन की कोमल कलियों से तैयार किया जाता है। इसकी खास बात यह है क‍ि इसको बनाने की पूरी प्रक्रिया हाथ से ही की जाती है। चाय की कलियों को तोड़ना, फ‍िर उन्‍हें रोल करना और फ‍िर धूप में सुखाने तक सारा काम ब‍िना मशीन की सहायता से क‍िया जाता है। इसी वजह से इसका रंग सुनहरा, स्वाद हल्का और गुणवत्ता बहुत खास होती है।

यह चाय बहुत ही सीमित मात्रा में बनाई जाती है, लगभग 25 ग्राम प्रतिदिन। इसलिए यह दुनिया की सबसे दुर्लभ पारंपरिक चायों में से एक मानी जाती है। इसमें प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट और चाय पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं। इसका स्वाद मुलायम और हल्का मीठा होता है, जिसमें फूलों जैसी खुशबू और हल्का माल्टी स्वाद महसूस होता है। यह भारत की विश्वस्तरीय खास चाय बनाने की क्षमता को दिखाती है।

इसके अलावा पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को पारंपरिक कश्मीरी पेपर-मैशे बाउल और पारंपरिक रिपोसे सिल्वर सजावटी प्लेट भेंट की।

यह पारंपरिक कश्मीरी पेपर-मैशे कटोरा कश्मीर की प्रसिद्ध हस्तकला परंपरा का सुंदर उदाहरण है। इसे कागज की लुगदी से हाथ से बनाया जाता है और पारंपरिक नक्काशी कला से सजाया जाता है। इसमें हाथ से बनाए गए फूलों, पक्षियों, सजावटी डिजाइनों और बारीक सुनहरे काम की खूबसूरत सजावट दिखाई देती है। ऊपर की चमकदार परत इसकी सुंदरता और मजबूती को बढ़ाती है।

इसकी कला सुंदरता, शांति और प्रकृति के साथ तालमेल का प्रतीक है। यह कश्मीर की समृद्ध कलात्मक विरासत को भी दर्शाती है। अपनी खूबसूरती और बेहतरीन कारीगरी के लिए दुनियाभर में पहचाना जाने वाला यह कटोरा भारत की रचनात्मकता, सांस्कृतिक परंपरा और कुशल कारीगरों की कला का प्रतीक है।

वहीं पारंपरिक रिपोसे सिल्वर सजावटी प्लेट भारत की समृद्ध चांदी की कारीगरी को दर्शाती है। इसे पूरी तरह हाथ से बनाया गया है और इसमें रिपोसे व चेज‍िंग जैसी पुरानी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। प्लेट के बीच में कमल की आकृति हैं, जिसके चारों ओर हाथी, पेड़ और सुंदर फूलों की सजावट बनाई गई है।

कमल पवित्रता और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है, जबकि हाथी बुद्धिमत्ता, ताकत, समृद्धि और राजसी गौरव को दर्शाता है। हाथी भारत और इंडोनेशिया दोनों की प्राकृतिक विरासत का एक साझा प्रतीक भी है। यह प्लेट दोनों देशों के बीच दोस्ती और वन्यजीव संरक्षण के प्रति साझा भावना को दर्शाती है।

साथ ही साथ पीएम ने इंडोनेशिया के संसद स्पीकर को उपहार में ‘ओडिशा इकत’ भेंट क‍िया।

ओडिशा इकत, जिसे स्थानीय भाषा में बांधा कहा जाता है, एक प्रसिद्ध हाथ से बुनी जाने वाली रेशमी कला है। इसे धागों को पहले बांधकर और रंगकर, फिर उन्हें बुनकर तैयार किया जाता है। इस तकनीक से बने कपड़े में सुंदर बनावट, दोनों तरफ एक जैसे डिजाइन और खास घुमावदार आकृतियां दिखाई देती हैं।

संबलपुर, नुआपटना और बरगढ़ जैसे क्षेत्रों में प्रचलित ओडिशा इकत वहां की सांस्कृतिक पहचान और कलात्मक कौशल को दर्शाता है। अपने चमकीले रंगों और अनोखे डिजाइनों के कारण यह पारंपरिक वस्त्र ओडिशा की विरासत और कहानियों को प्रस्तुत करने वाला एक सुंदर माध्यम है।

यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया पहुंचे और यहां भी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को उपहार में ‘इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स’, ‘कोलोनियल कज‍िन्स’ का विनाइल रिकॉर्ड, ट्राइबल ढोकरा बोट स्कल्पचर और प्योर वूल एम्ब्रॉएडर्ड स्टोल भेंट क‍िया।

कॉफी बॉक्स में भारत के अलग-अलग इलाकों की बेहतरीन कॉफी थी। इसमें चुनी हुई प्रीमियम कॉफी शामिल हैं, जिनका स्वाद वहां की मिट्टी, ऊंचाई और कॉफी बनाने के अलग-अलग तरीकों से आता है। इसमें वॉश्ड, नेचुरल और हनी प्रोसेस जैसी तकनीकों से तैयार की गई कॉफी शामिल हैं, जो भारत की बेहतरीन कॉफी बनाने की क्षमता को दिखाती है। यह सिर्फ अच्छी कॉफी का कलेक्शन नहीं है, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते कॉफी सेक्टर की कहानी भी बताता है। इसमें क्वालिटी, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और बेहतर वैल्यू देने पर ध्यान दिया जाता है।

कोलोनियल कज‍िन्स का यह विनाइल रिकॉर्ड भारतीय संगीत के एक खास दौर को दर्शाता है। 1990 के दशक में हरिहरन और लेस्ली लुईस ने मिलकर ऐसा संगीत बनाया, जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत को वेस्टर्न पॉप, रॉक और अकूस्टिक संगीत के साथ जोड़ा गया। इस अनोखे मेल ने एक ऐसी आवाज बनाई जिसे अलग-अलग तरह के लोगों ने पसंद किया। विनाइल फॉर्मेट इस एल्बम को सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि एक यादगार सांस्कृतिक धरोहर बनाता है। यह भारत की संगीत परंपरा और दुनियाभर के संगीत प्रभावों के खूबसूरत मेल को दिखाता है और सुनने का एक खास अनुभव देता है।

ट्राइबल ढोकरा बोट स्कल्पचर: यह ढोकरा कला से बनी खूबसूरत मूर्ति पुरानी लॉस्ट वैक्स तकनीक से तैयार की गई है। इसमें एक नाव दिखाई गई है जिसमें आदिवासी पुरुष और महिलाएं साथ बैठे हैं। यह एकता, मिलकर काम करने और आगे बढ़ने का प्रतीक है। ढोकरा भारत की सबसे पुरानी धातु कला परंपराओं में से एक है। यह उन आदिवासी कलाकारों की मेहनत और विरासत को दिखाती है, जिन्होंने इस कला को पीढ़ियों से संभालकर रखा है। नाव पर बने पक्षियों और हाथ से बनाई गई आकृतियों में प्रकृति के साथ तालमेल, मजबूती और साथ मिलकर आगे बढ़ने का संदेश छिपा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों के संदर्भ में यह दोनों देशों के बीच दोस्ती, भरोसे और बेहतर भविष्य के लिए साथ काम करने की भावना को भी दर्शाता है।

साथ ही पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री की पत्नी के लिए ‘प्योर वूल एम्ब्रॉएडर्ड स्टोल’ लेकर गए। कश्मीर का यह प्योर वूल स्टोल वहां की शानदार कपड़ा कला और बेहतरीन कारीगरी का उदाहरण है। अच्छी गुणवत्ता वाली ऊन से बना यह स्टोल गर्माहट, आराम और सुंदरता का बेहतरीन मेल है। इस पर बनी फूलों की बारीक कढ़ाई कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती से प्रेरित है।

कुशल कारीगरों ने इसे पारंपरिक हाथ की कढ़ाई से तैयार किया है। यह स्टोल कश्मीर की सदियों पुरानी कला और सांस्कृतिक परंपरा को दिखाता है। साथ ही यह भारत की हस्तशिल्प और बुनाई की उत्कृष्ट परंपरा को सम्मान देता है और कारीगरों की विरासत को आगे बढ़ाने में मदद करता है।

पीएम मोदी ने विक्टोरिया के गवर्नर जनरल को उपहार में ‘मधुबनी पेंटिंग’ और ‘मार्बल इनले वर्क बॉक्स’ भेंट क‍िया। बिहार के मिथिला क्षेत्र की यह ‘मधुबनी पेंटिंग’ भारत की लोक कला का सुंदर उदाहरण है। इसमें हाथ से बनाई गई शैली में हरे-भरे पेड़ों और पत्तों के बीच एक मोर को दिखाया गया है। गहरी रेखाओं, बारीक डिजाइन और प्राकृतिक रंगों से बनी यह पेंटिंग इंसान और प्रकृति के बीच संबंध को दर्शाती है।

मोर सुंदरता, खुशहाली और संतुलन का प्रतीक है, जबकि पेड़ जीवन, विकास और प्रकृति को बचाने का संदेश देता है। पीढ़ियों से चली आ रही मधुबनी कला भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति के प्रति सम्मान को दिखाती है। साथ ही यह कलाकारों और उनके समुदायों की आजीविका को भी सहारा देती है।

वहीं खूबसूरत मार्बल इनले वर्क बॉक्स भारत की प्रसिद्ध पिएत्रा ड्यूरा कला परंपरा को दिखाता है। इसमें कारीगर सफेद मार्बल और कीमती व अर्ध-कीमती पत्थरों को मिलाकर शानदार डिजाइन तैयार करते हैं। इस बॉक्स पर बने फूलों के डिजाइन को पत्थरों को बारीकी से काटकर, चमकाकर और मार्बल में जड़कर हाथ से बनाया गया है। यह कारीगरों की मेहनत, धैर्य और पीढ़ियों से चली आ रही कला को दिखाता है। यह कला सुंदरता, मेल-जोल और नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रचनात्मकता, कारीगरी और लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना रिश्तों का भी प्रतीक है।

पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के विपक्ष के नेता को उपहार में हाथ से तराशी गई लकड़ी की जालीदार हाथी की प्रतिकृति भेंट की। एक ही मजबूत और अच्छी तरह तैयार की गई लकड़ी के टुकड़े से बनी यह हाथी की प्रतिकृति राजस्थान की पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी कला की बेहतरीन मिसाल है। इसमें की गई बारीक जालीदार नक्काशी और सुंदर डिजाइन भारत के कुशल कारीगरों की मेहनत, धैर्य और शानदार कारीगरी को दिखाते हैं।

भारतीय संस्कृति में हाथी को बुद्धिमानी, ताकत, समृद्धि और शुभ भाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह प्रतिक्रिया मजबूती, धैर्य और स्थिरता का संदेश देती है। इसकी बारीक नक्काशी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत रिश्तों को भी दर्शाती है, जो दोनों देशों के बीच सहयोग, साझा मूल्यों और एक स्वतंत्र व समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए मिलकर काम करने की भावना का प्रतीक है।

यात्रा के अंत‍िम चरण में पीएम मोदी ने न्‍यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को ‘भारतीय महिला हॉकी टीम के हस्‍ताक्षर वाली हॉकी स्टिक’, उत्तराखंडी टोपी और ‘ट्री ऑफ लाइफ’ भेंट की।

भारतीय महिला हॉकी टीम की हर सदस्य के हस्ताक्षर वाली यह हॉकी स्टिक, न्यूजीलैंड में आयोजित एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप में टीम की ऐतिहासिक जीत की यादगार है। यह सिर्फ एक खेल का सामान नहीं है, बल्कि भारतीय हॉकी में मेहनत, टीम भावना और उत्कृष्टता का प्रतीक है। इस पर किए गए हर हस्ताक्षर उन खिलाड़ियों की लगन और संघर्ष को दर्शाते हैं, जिन्होंने इस ऐतिहासिक जीत में अपना योगदान दिया। यह स्टिक आने वाली पीढ़ियों, खासकर युवा महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।

यह भारत की गौरवशाली हॉकी परंपरा, खिलाड़ियों की तकनीकी कुशलता, एकता और देश के गौरव को दर्शाती है। एक स्मृति चिन्ह के रूप में सुरक्षित रखी गई यह स्टिक वैश्विक स्तर पर भारत की खेल उपलब्धि और टीम की शानदार सफलता की स्थायी याद है।

उत्तराखंडी टोपी, जिसे पारंपरिक पहाड़ी टोपी भी कहा जाता है, उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और हिमालयी पहचान का एक खास प्रतीक है। इसे अच्छी गुणवत्ता वाली ऊन से हाथ से बनाया जाता है। इसकी रंग-बिरंगी बुनी हुई पट्टी पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय कला को दर्शाती है।

यह टोपी त्योहारों, धार्मिक कार्यक्रमों, शादियों और सामुदायिक आयोजनों में गर्व और सम्मान के साथ पहनी जाती है। यह सिर्फ ठंड से बचाने वाला पहनावा नहीं है, बल्कि सम्मान, अपनापन और मेहमाननवाजी की भावना को भी दर्शाती है।

उत्तराखंडी टोपी स्थानीय परंपराओं और प्रकृति के साथ लोगों के जुड़ाव को दिखाती है। यह पारंपरिक बुनाई की कला को बचाने, कारीगरों को सहयोग देने और भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बस्तर की ढोकरा कला से बनी ‘ट्री ऑफ लाइफ’ मूर्ति: छत्तीसगढ़ की बस्तर ढोकरा ‘ट्री ऑफ लाइफ’ प्रतिकृति भारत की प्राचीन धातु कला परंपरा का सुंदर उदाहरण है। इसे ढोकरा कला की खोई हुई मोम ढलाई तकनीक से बनाया जाता है, जो दुनिया की सबसे पुरानी कला विधियों में से एक है।

कुशल कारीगरों द्वारा हाथ से बनाई गई हर प्रतिकृति अपने आप में अनोखी होती है और पीढ़ियों से चली आ रही कला और हुनर को दिखाती है।

‘ट्री ऑफ लाइफ’ जीवन के आपसी संबंध, नई शुरुआत, समृद्धि और इंसान तथा प्रकृति के बीच संतुलन का प्रतीक है। यह भारतीय परंपरा के कल्पवृक्ष के विचार को दर्शाती है और माओरी संस्कृति के ‘व्हाकापापा’ (वंश और जुड़ाव की भावना) से भी जुड़ती है।

यह प्रतिकृति केवल एक कलाकृति नहीं है, बल्कि भारत की जनजातीय विरासत, टिकाऊ हस्तशिल्प, कारीगरों की आजीविका और संस्कृति की निरंतरता का प्रतीक है। यह प्रकृति के प्रति सम्मान, धैर्य और साथ मिलकर रहने की भावना को भी दर्शाती है।