Monday, July 13, 2026
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यमन में बढ़ा तनाव: हूती के कब्जे वाले सना एयरपोर्ट पर हमले का दावा

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अदन (यमन), 13 जुलाई (आईएएनएस)। सऊदी अरब ने हूती के कब्जे वाली यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर कई हवाई हमले किए। यह दावा सोमवार को हूती समूह के चैनल अल-मसीरा टीवी ने क‍िया। यमन की सशस्त्र सेनाओं ने लोगों से तुरंत हवाई अड्डा खाली करने की अपील की।

यह हमले उस समय हुए जब तेहरान से हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर आ रहा एक ईरानी यात्री विमान सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर बढ़ रहा था।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब की तरफ से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही नुकसान का भी कोई आंकड़ा नहीं है।

इससे पहले सोमवार को यमन के रक्षा मंत्री ताहिर अल-अकीली ने टीवी पर दिए गए बयान में कहा था कि अगर कोई दुश्मन विमान यमन के हवाई क्षेत्र में घुसता है, तो सशस्त्र बल उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

यह वही ईरानी यात्री विमान है जो चार जुलाई को सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था। उस समय इसमें तेहरान से 200 से ज्यादा यमनी मरीज और वहां फंसे यात्री आए थे। बाद में यही विमान एक वरिष्ठ हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर तेहरान गया था, जहां वे ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने गए थे।

तीन जुलाई को हूती समूह ने दावा किया था कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सऊदी लड़ाकू विमानों को रोक दिया था। हूती का आरोप था कि ये विमान ईरानी नागरिक विमान को सना हवाई अड्डे पर उतरने से रोकने के लिए यमन के हवाई क्षेत्र में आए थे।

हूती प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि वह उसी ईरानी विमान से लौटेगा। उसने यमन की सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें किसी दूसरे, गैर-ईरानी विमान से सरकारी निगरानी में उनकी वापसी कराने की बात कही गई थी।

रविवार को हूती समूह ने सऊदी अरब और यमन की सरकार को चेतावनी दी थी कि वे इस उड़ान को रोकने की कोशिश न करें।

पिछले कुछ दिनों में हूती समूह ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों में गतिविधियां और तेज कर दी हैं। उसने कई जगह आदिवासी सभाएं, हथियारों के साथ रैलियां और सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किए हैं। साथ ही उसने एक बार फिर उस चीज को खत्म करने की मांग की है जिसे वह सऊदी नेतृत्व वाली नाकेबंदी बताता है।

यमन साल 2014 के आखिर से संघर्ष की चपेट में है। उस समय हूती समूह ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अगले साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया।