पटना, 14 जुलाई (आईएएनएस)। जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय समय-सीमा के भीतर सुनवाई पूरी करने के निर्देश का स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने अभिनेता आमिर खान का बचाव करते हुए उन्हें देशभक्त बताया और कहा कि उनके निजी जीवन को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का भी उन्होंने समर्थन किया।
श्याम रजक ने कहा कि लालू प्रसाद यादव से जुड़ा मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित है और सुप्रीम कोर्ट का यह कहना कि छह महीने के भीतर इसका निपटारा होना चाहिए, एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने अच्छी बात कही है कि छह महीने के अंदर इसका निपटारा हो जाना चाहिए। जो भी हो, दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। मामला अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खिंचना चाहिए। जमानत देना या नहीं देना पूरी तरह न्यायपालिका का अधिकार है और इस पर किसी राजनीतिक व्यक्ति या अन्य किसी व्यक्ति को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। देश की जनता भी चाहती है कि इस मामले का जल्द से जल्द अंतिम निर्णय हो।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे द्वारा अभिनेता आमिर खान पर लगाए गए आरोपों और उनकी फिल्मों के बहिष्कार की अपील पर श्याम रजक ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आमिर खान जैसे कलाकार पर टिप्पणी करने वालों का अपना इतिहास जनता के सामने है और ऐसे लोगों को इस तरह की टिप्पणी करने का कोई नैतिक या संवैधानिक अधिकार नहीं है। आमिर खान देश के प्रमुख फिल्म कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों और देश की महत्वपूर्ण समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा है। ऐसे कलाकारों को सम्मान मिलना चाहिए, न कि उनका विरोध किया जाना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह आमिर खान को देशभक्त मानते हैं, तो श्याम रजक ने कहा कि इसमें किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी देशभक्ति पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा सकता। आज तक ऐसा कोई इतिहास नहीं है जिससे उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाया जा सके। उनकी फिल्मों में भी देशभक्ति की भावना दिखाई देती है। किसी व्यक्ति का निजी जीवन उसका व्यक्तिगत विषय है और उसे लव जिहाद जैसे राजनीतिक विमर्श से जोड़ना उचित नहीं है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के मुद्दे पर जदयू विधायक ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराए जाते हैं तो इससे आर्थिक संसाधनों की बचत होगी और प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेगी। इस व्यवस्था से बार-बार चुनाव कराने की आवश्यकता कम होगी, जिससे सरकारी मशीनरी विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विषय पर जल्द निर्णय लेकर भविष्य में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे देश और जनता दोनों को लाभ मिलेगा।

