Wednesday, July 15, 2026
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खेल मंत्रालय का हॉकी इंडिया को निर्देश, असुंता लाकड़ा के उत्पीड़न और डराने-धमकाने के आरोपों पर कार्रवाई हो

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नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने हॉकी इंडिया मैनेजमेंट को भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया है। लाकड़ा ने झारखंड के एक कोच पर युवा महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसके साथ ही लाकड़ा का आरोप है कि उन्हें फेडरेशन के सचिव ने डराया-धमकाया।

मंत्रालय ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की से कहा है कि वे पूर्व भारतीय कप्तान के भेजे ई-मेल पर ध्यान दें और उसे फेडरेशन की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) के सामने रखें।

निर्देश में कहा गया है, “अनुरोध है कि असुंता लाकड़ा के ई-मेल में उठाए गए मुद्दों को ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013’ के प्रावधानों के तहत हॉकी इंडिया की तरफ से गठित इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) के सामने विचार और उचित कार्रवाई के लिए रखा जाए। इसके नतीजे की जानकारी मंत्रालय को दी जाए।”

ऐसा लगता है कि मंत्रालय ने गेंद हॉकी इंडिया के पाले में डाल दी है क्योंकि असुंता लाकड़ा ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) से झारखंड के कोच सुधीर गोला के खिलाफ एक स्वतंत्र जांच शुरू करने का आग्रह किया था। उन्होंने डराने-धमकाने और शिकायत करने वालों के साथ सूचना प्रदाता (व्हिसलब्लोअर) के खिलाफ बदले की कार्रवाई के आरोपों की भी जांच की मांग की थी, खासकर उन मामलों में जहां प्रशासकों ने शिकायत का सामना कर रहे लोगों को बढ़ावा दिया, बचाया या सुरक्षित रखा।

असुंता लाकड़ा ने आरोप लगाया है कि राज्य एसोसिएशन ने एक कोच के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों को नजरअंदाज किया और इसके बजाय उन लोगों को धमकाया, जिन्होंने महिला खिलाड़ियों की भलाई के बारे में चिंता जताई थी। पूर्व भारतीय स्टार का दावा है कि कथित गलत व्यवहार लंबे समय तक जारी रहने के बावजूद खिलाड़ी सामने आने से डरते थे।

लाकड़ा ने कोच की पहचान सुधीर गोला के रूप में की। उन्होंने कहा कि उन्हें झारखंड ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया था और वे पिछले एक-दो साल से टीम को संभाल रहे थे। उस दौरान उनके पति साथ में ही काम करते थे।

लाकड़ा ने बताया, “इन आरोपों का सामना करने वाले व्यक्ति सुधीर गोला हैं, जो तेलंगाना के रहने वाले हैं। सरकार ने उन्हें झारखंड में ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किया था। वह पिछले एक-दो साल से टीम को संभाल रहे थे। मैं और मेरे पति भी उनके साथ काम कर रहे थे। पहले भी कई लोगों ने उनके बारे में चिंता जताई थी, लेकिन हमने उन पर यकीन नहीं किया। उनके व्यवहार को लेकर विवाद थे और हमने उनका बचाव किया क्योंकि हमें पता नहीं था कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है।”

लाकड़ा ने कहा कि सच्चाई एक आंतरिक जांच के बाद ही सामने आने लगी। कुछ खिलाड़ियों ने इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई, जबकि अन्य डर के कारण चुप रहे। उन्होंने कहा, “जब आंतरिक समिति ने खिलाड़ियों से पूछताछ शुरू की, तो कुछ बोले और कुछ चुप रहे। कई खिलाड़ियों को गलत व्यवहार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे सामने आने को तैयार नहीं थे। जब एक-दो खिलाड़ियों ने आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई, तो यह स्पष्ट हो गया कि आरोप सच थे।”

इसके अलावा, असुंता लाकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर महिला खिलाड़ियों के उत्पीड़न के बारे में चिंता जताने के बाद उन्हें धमकाने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। हालांकि, भोलानाथ सिंह ने इन आरोपों को बेबुनियाद और एक साजिश का हिस्सा बताते हुए खारिज कर दिया।

झारखंड के खेल मंत्री, मुख्यमंत्री, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई लिखित शिकायतों में लाकड़ा ने आरोप लगाया कि कथित कदाचार के आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इस मुद्दे को उठाने वालों पर चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है।