बेल्थांगडी, 15 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के चर्चित धर्मस्थला सामूहिक दफनाने के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को बेल्थांगडी अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश कर दी।
करीब 7,000 पन्नों की इस रिपोर्ट को 12 अलग-अलग खंडों में अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश शशांक नागेंद्र भट की अदालत में जमा कराया गया।
रिपोर्ट में 255 गवाहों के बयान, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
एसआईटी ने अदालत को 4 टीबी क्षमता की हार्ड डिस्क भी सौंपी, जिसमें गवाहों के वीडियो रिकॉर्ड किए गए बयान मौजूद हैं।
जांच के दौरान जब्त किए गए सामान, जिनमें कंकाल के अवशेष, हड्डियां, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री शामिल हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था, जांच पूरी होने के बाद अदालत को सौंप दिया गया।
मामले के प्रमुख व्यक्ति माने जा रहे चिन्नैया भी अंतिम रिपोर्ट पेश किए जाने के दौरान अपनी पत्नी के साथ बेल्थांगडी अदालत पहुंचे।
इस मामले में तब एक नया मोड़ आया, जब आरोप लगाने वाले और ‘मास्क मैन’ के नाम से चर्चित चिन्नैया ने दावा किया कि धर्मस्थला, जो कर्नाटक का एक प्रमुख हिन्दू तीर्थस्थल है, उसको बदनाम करने की साजिश में उसका इस्तेमाल किया गया।
चिन्नैया ने यह भी आरोप लगाया कि उसे बताया गया था कि धर्मस्थला के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े को जेल भेजने के लिए 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। उसने अपनी याचिका में अभिनेता प्रकाश राज का नाम भी लिया है और दावा किया है कि योजना सफल होने पर उसे 50 लाख रुपए देने का वादा किया गया था।
चिन्नैया ने कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख करते हुए दावा किया कि उसे धर्मस्थला को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा बनाया गया। उसने एसआईटी को जांच पूरी करने और कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की है।
चिन्नैया ने आरोप लगाया कि पुलिस में खोपड़ी मिलने की शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे केरल के एक रिसॉर्ट में ले जाया गया। वहां एक फोन कॉल के दौरान उसे अभिनेता प्रकाश राज से बात कराई गई।
याचिका के अनुसार, प्रकाश राज ने उससे तमिल भाषा में बात की और कथित तौर पर उसे गिरीश मट्टन्नावर के निर्देश के अनुसार बयान देने को कहा।
उसने आरोप लगाया कि उसे एसआईटी को कुछ खास जगहों की जानकारी देने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर उसकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी।

