Thursday, July 23, 2026
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केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ, पढ़ाई के बजाय गिरा रही शैक्षिक संस्थान : राजीव राय

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मऊ, 17 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने यूनिवर्सिटी परिसर की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय ने सरकार की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बताया।

सपा सांसद राजीव राय ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह सरकार की कार्यशैली की पराकाष्ठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर करने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहां की इमारतें गिराने की तैयारी की जा रही है। यह वही सरकार है, जो पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ी और स्कूल बंद कराने जैसे मामलों पर गंभीरता से काम करने के बजाय शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुंचाने में लगी हुई है।”

उन्होंने जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का भी समर्थन किया। राजीव राय ने कहा कि उनकी पूरी सहानुभूति और समर्थन आंदोलनरत छात्रों के साथ है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उनका जीवन देश की अमानत है, इसलिए अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपील का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

सपा सांसद ने कहा कि यदि वे संसदीय समिति की बैठक में व्यस्त न होते तो स्वयं जंतर-मंतर जाकर छात्रों के बीच मौजूद रहते।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जाना चाहिए। उनका कहना था कि जिस न्याय व्यवस्था से लोगों को सबसे अधिक उम्मीद होती है, वहां से भी यदि छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा तो यह चिंता का विषय है।

राजीव राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था के साथ योजनाबद्ध तरीके से खिलवाड़ कर रही है। उनके अनुसार सरकार नहीं चाहती कि युवा शिक्षित होकर अपने अधिकारों की बात करें और सत्ता से सवाल पूछें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन वर्तमान सरकार को सवाल पसंद नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि संसद का अगला सत्र शुरू होने पर वह इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि संसदीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी, बहस, प्रश्न, उपस्थिति और जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाने के आधार पर उन्हें सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि घोसी लोकसभा क्षेत्र की जनता का है और वह अपने क्षेत्र के लोगों से किए गए वादों को पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करते रहेंगे।