Thursday, July 23, 2026
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पेश करेंगे

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नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पेश करेंगे।

प्रस्तावित कानून का मकसद राष्ट्रीय गीत, वंदे मातरम को वही कानूनी और कानूनी सुरक्षा देना है, जो अभी राष्ट्रीय गान, जन गण मन को मिली हुई है।

अगर यह बिल लागू होता है, तो यह राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम एक्ट में बदलाव करेगा, ताकि वंदे मातरम का अपमान करना एक सजा वाला अपराध बन जाए और कानूनी सुरक्षा के मामले में इसे राष्ट्रीय गान के बराबर लाया जा सके।

प्रस्तावित कानून के तहत, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या गाने में रुकावट डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

अभी, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम एक्ट राष्ट्रीय गान का सम्मान करना जरूरी बनाता है, जिसमें लोगों को इसे गाते समय खड़ा होना जरूरी है और अपमान या रुकावट डालने वाले कामों पर रोक है।

प्रस्तावित बदलाव का मकसद वंदे मातरम को वैसी ही कानूनी सुरक्षा देना है, जिसे अब तक राष्ट्रीय गीत के तौर पर पहचान मिलने के बावजूद उतनी कानूनी सुरक्षा नहीं मिली है।

प्रस्तावित कानून के अनुसार, अगर बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो जाता है, तो वंदे मातरम का अपमान करना एक क्रिमिनल ऑफेंस बन जाएगा, जिससे राष्ट्रीय गीत उसी कानूनी दायरे में आ जाएगा जो दूसरे राष्ट्रीय प्रतीकों, जैसे राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय झंडा और संविधान की रक्षा करता है।

कानून के मौजूदा नियमों के अनुसार, जो कोई भी जानबूझकर राष्ट्रीय गान गाने से रोकता है या इसके दौरान कोई गड़बड़ी करता है, उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

इस बदलाव का मकसद वंदे मातरम गाने को जानबूझकर रोकने, उसमें रुकावट डालने या उसका अपमान करने वाले कामों पर भी यही सजा लागू करना है।

बदले हुए बिल में खास तौर पर तीन साल तक की जेल और जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत गाने से रोकता है या उसमें रुकावट डालता है या इसके गाने में लगी किसी भी भीड़ में रुकावट डालता है।

यह कानूनी कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के 9 जुलाई को सभी राज्यों को दिए गए निर्देश के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि सरकारी कामों के दौरान जब भी जन गण मन गाया जाए, तो उससे पहले वंदे मातरम बजाया जाए।

इस प्रस्तावित बदलाव पर संसद के चल रहे मानसून सेशन में चर्चा होने की उम्मीद है।