नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के पूर्व बल्लेबाज युवराज सिंह ने टीम मैनेजमेंट से अपील की है कि आईसीसी पुरुष वर्ल्ड कप से पहले यशस्वी जायसवाल को वनडे टीम में ज्यादा मौके दिए जाएं। युवराज ने कहा कि अगर यशस्वी को अभी पर्याप्त मौके न देकर उन्हें अचानक से बिना मैच प्रैक्टिस के टीम में बुलाया जाता है, तो इससे बाएं हाथ के बल्लेबाज पर बहुत दबाव आ सकता है।
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद भारत की टीम के चयन पर हो रही चर्चाओं के बीच युवराज ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता सीनियर खिलाड़ियों का न होना नहीं, बल्कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद यशस्वी जायसवाल को कम मौके मिलना है। युवराज ने ‘जियोस्टार’ से कहा, “एक खिलाड़ी के नजरिए से देखें तो जब आप टीम में नहीं होते तो बुरा लगता है। दूसरे तरीके से देखें, तो आप समझ सकते हैं कि शायद वे युवा खिलाड़ियों को चाहते थे। उस समय, वर्ल्ड कप से पहले मैं और धोनी दोनों 36 या 37 साल के थे, और टीम मैनेजमेंट को फैसला लेना पड़ा था।”
2019 वर्ल्ड कप से पहले के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए युवराज ने कहा कि मुश्किल चयन फैसले इंटरनेशनल क्रिकेट का हिस्सा हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगले वर्ल्ड कप के लिए भारत की प्लानिंग में रिजर्व खिलाड़ियों की अच्छी तैयारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “विराट और रोहित से ज्यादा मेरी चिंता यशस्वी जायसवाल को लेकर है, जिन्होंने पिछले चार मैचों में दो शतक लगाए हैं, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल रहा है। अगर वर्ल्ड कप आता है और उन्हें खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिलते हैं, तो अचानक उन पर दबाव आ जाएगा। अगर वह योजनाओं का हिस्सा हैं, तो विश्व कप से पहले उन्हें और अधिक मैच खेलने की जरूरत है।”
युवराज ने कहा कि अचानक लगी चोटों के कारण टीमों को आखिरी समय में बदलाव करने पड़ सकते हैं, जिससे अनुभवहीन खिलाड़ियों को सबसे बड़े मंच पर उतरना पड़ सकता है। पूर्व बल्लेबाज ने कहा, “अगर कोई चोटिल हो जाता है, तो आप क्या करेंगे? हमने ऐसा पहले भी होते देखा है। 2019 वर्ल्ड कप में, चोट के कारण दो युवा खिलाड़ियों को बिना पर्याप्त अनुभव के टीम में आना पड़ा था। आप अतीत की गलतियों को दोहराना नहीं चाहेंगे।”
यशस्वी जायसवाल ने वनडे में हाथ आए मौकों को पूरी तरह से भुनाया है। हालांकि, वह वनडे टीम से लगातार अंदर-बाहर होते रहे हैं। यशस्वी ने भारत के लिए अब तक 6 वनडे मैच खेले हैं, और इस दौरान उन्होंने 71 की बेमिसाल औसत से 285 रन बनाए हैं। वह दो शतक लगा चुके हैं।

