लखनऊ, 20 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने जंतर-मंतर से संसद तक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मार्च पर कहा, “वे सभी बिना दिशा वाली मिसाइल की तरह हैं, जैसे शादी में बिन बुलाए मेहमान। विपक्ष इसी तरह युवाओं को गुमराह करता है। विपक्षी नेता युवाओं को सिर्फ भ्रमित और गुमराह कर रहे हैं। उन्हें राजनीतिक प्रशिक्षण लेना चाहिए ताकि वे सत्ता में आ सकें।”
सोनम वांगचुक की तीन शर्तों पर उन्होंने कहा, “वे एक बुद्धिजीवी हैं लेकिन ऐसे लोगों के साथ जुड़कर वे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। हमारी सरकार उनकी जान बचाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष पहले ही गांधी और अंबेडकर के आदर्शों के साथ धोखा कर चुका है। कोई भी विरोध लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए।”
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनता के हितों की रक्षा करना और उनके लिए बेहतर कानून बनाना है। लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता की आवाज उठाना और उनके हित में कानून बनाना है।
उन्होंने कहा, “राजनीति एक अभिभावक की तरह होती है। जनता के पैसे और जनता के हितों की रक्षा करना ही राजनीति का उद्देश्य है। जब स्वस्थ विचार और स्वस्थ सरकार होगी, तभी जनता के हित में अच्छे कानून बन सकेंगे।”
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत के युवाओं और स्टार्टअप को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि देश ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब वह इंटरमीडिएट में थे, तब भी नए प्रयोगों के बारे में सोचते थे और आज हाइड्रोजन ऊर्जा जैसी तकनीक देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बन रही है।
उन्होंने कहा, “जिस देश के पास ऊर्जा होगी, वही देश आगे बढ़ेगा। भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और इससे देश की प्रगति को नई गति मिलेगी।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वंदे मातरम से जुड़े विधेयक पेश किए जाने पर संजय निषाद ने इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रवाद से जुड़ा विषय है और देश के लिए बलिदान देने वाले सभी वर्गों और समुदायों का सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “देश को आजादी दिलाने में जिन लोगों ने योगदान दिया, उन सभी राष्ट्रवादियों का सम्मान होना चाहिए। ऐसे लोगों के सम्मान से जुड़ी पहल का स्वागत किया जाना चाहिए।” राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपे जाने पर संजय निषाद ने कहा कि यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सच्चाई सामने लाने की बात कही है।
उन्होंने कहा, “अब एसआईटी की रिपोर्ट न्यायालय के पास है। इसे सार्वजनिक करना है या नहीं, इसका फैसला न्यायालय करेगा। अगर कोई गलती हुई है तो उसकी जांच होगी। सभी को न्यायालय के आदेश का सम्मान करना चाहिए।”

