Tuesday, July 21, 2026
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झारखंड के खूंटी में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान करंट लगने से दो छात्रों की मौत, सात झुलसे

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खूंटी, 20 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा में सोमवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बिजली हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से रथ में करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य छात्र झुलस गए। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

मृतकों की पहचान 17 वर्षीय चंदन कुमार और 17 वर्षीय तिजेश्वर गोप के रूप में हुई है। दोनों तोरपा स्थित श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के छात्र थे। हादसे में कमलेश गोप (20), रूपेश कुमार सिंह (17), अरमान आलम (16), पंकज राम (17), गिरिराज यादव (17), सूजे लोहरा (13) और निलय एक्का (17) झुलस गए हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर में रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ को खींच रहे थे। इसी दौरान रथ का ऊपरी लोहे का हिस्सा ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। देखते ही देखते पूरे रथ में करंट दौड़ गया और उसके आसपास मौजूद छात्र इसकी चपेट में आ गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर घायलों को तत्काल तोरपा अस्पताल पहुंचाया। वहां से गंभीर रूप से घायल दो छात्रों को खूंटी सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी छात्र श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के विद्यार्थी थे और दोपहर के अवकाश के दौरान रथयात्रा में शामिल हुए थे।

वहीं, कुछ लोगों का दावा है कि छात्रों को रथ खींचने के लिए बुलाया गया था जबकि अन्य का कहना है कि वे स्वयं श्रद्धालुओं के साथ रथयात्रा में शामिल हुए थे। इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना से तोरपा और आसपास के गांवों में मातम पसरा हुआ है।

इस हादसे के बाद रथयात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि बिजली लाइन के नीचे से रथ निकालने से पहले सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए और स्कूली छात्र इस आयोजन का हिस्सा कैसे बने। पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं।